SeatSharing – यूपी चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे पर बढ़ी खींचतान
SeatSharing- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच INDIA गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग करते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आगामी चुनाव में वह मजबूत उपस्थिति के साथ मैदान में उतरना चाहती है। इस बयान के बाद विपक्षी गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

कांग्रेस ने सम्मानजनक हिस्सेदारी पर दिया जोर
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनाव में बराबरी और सम्मान के आधार पर चुनावी साझेदारी चाहती है। उनके अनुसार, गठबंधन की सफलता तभी संभव है जब सभी सहयोगी दलों को उनकी राजनीतिक ताकत के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन ने पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ाया है और इसी आधार पर संगठन राज्य में अपनी भूमिका मजबूत करने में जुटा है।
संगठन विस्तार के साथ बढ़ी दावेदारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इन दिनों उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनसंपर्क अभियान बढ़ाने की रणनीति को भविष्य में अधिक सीटों की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को जल्द अंतिम रूप देना चाहती है, जिससे गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
सपा ने क्षेत्रीय दलों की भूमिका पर दिया जोर
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राज्यों में क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक स्थिति और अनुभव को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया था। सूत्रों के अनुसार, सपा का मानना है कि सीटों के बंटवारे पर समय रहते सहमति बनने से चुनावी रणनीति अधिक प्रभावी ढंग से लागू की जा सकेगी।
गठबंधन के भीतर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
गठबंधन से जुड़े कुछ नेताओं का मानना है कि सीटों को लेकर लगातार चल रही सार्वजनिक बयानबाजी से विपक्ष के साझा अभियान पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि यदि बातचीत जल्द पूरी नहीं हुई तो चुनावी तैयारियों में देरी हो सकती है। हालांकि दोनों दलों की ओर से गठबंधन टूटने जैसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है और भविष्य की रणनीति पर बातचीत जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
हालिया घटनाक्रम भी बना चर्चा का विषय
इसी बीच कांग्रेस नेताओं की बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से हुई मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं। हालांकि इस घटनाक्रम को लेकर किसी भी दल ने गठबंधन में बदलाव या नए राजनीतिक समीकरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में सभी प्रमुख दल आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं और सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला आने वाले समय में सामने आ सकता है।