SchoolCrime – बागेश्वर में विद्यालय जाते समय प्रभारी प्रधानाचार्य की हत्या, गिरफ्तार हुआ आरोपी
SchoolCrime – उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शनिवार सुबह एक सरकारी विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य की हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। अटल आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज, भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा पर विद्यालय जाते समय धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में विद्यालय के एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में वेतन से जुड़े विवाद को घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।

रास्ते में किया गया हमला
झिरौली थाना पुलिस के अनुसार 56 वर्षीय दयानंद टम्टा शनिवार सुबह रोज की तरह अपने घर से विद्यालय के लिए निकले थे। आरोप है कि पहले से रास्ते में मौजूद विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी (क्लर्क) नवल किशोर सोराड़ी ने पीछे से उन पर चाकू से कई वार किए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मृतक के भाई गोकुल चंद्र की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया वेतन विवाद
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी और प्रभारी प्रधानाचार्य के बीच पिछले कुछ समय से वेतन भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि फरवरी महीने से वेतन संबंधी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए थे। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना के बाद लोगों में नाराजगी
इस घटना के बाद जिले में लोगों का गुस्सा देखने को मिला। मृतक के परिजन, स्थानीय नागरिक और विभिन्न संगठनों के लोग जिला अस्पताल के बाहर एकत्र हुए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कुछ समय के लिए अस्पताल के निकट विरोध प्रदर्शन और यातायात बाधित होने की स्थिति भी बनी। हालात को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।
शिक्षक संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने इस हत्या को अत्यंत दुखद बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें और दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। शिक्षा जगत से जुड़े कई लोगों ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए विद्यालयों में सुरक्षित कार्य वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर सरकार का नया कदम
इसी बीच राज्य सरकार ने सरकारी शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को प्रमुखता दी जाए। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को इस प्रकार प्रशिक्षित करना है कि वे विद्यार्थियों में तनाव या मानसिक दबाव के शुरुआती संकेतों को पहचान सकें और आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा सकें।