SnakeBite – लगातार बारिश के बीच सर्पदंश के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज…
SnakeBite– जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के अनुसार, बीते एक महीने में सर्पदंश के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 20 जून से 20 जुलाई के बीच 450 से अधिक लोग सांप के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, जबकि इससे पहले 20 मई से 20 जून के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या 255 थी। इस तरह एक महीने के भीतर मामलों में करीब 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अस्पताल में रोज पहुंच रहे कई मरीज
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार, बरसात के मौसम में औसतन प्रतिदिन करीब 15 सर्पदंश पीड़ित उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। नई 18 बेड वाली इमरजेंसी में रात के समय भर्ती होने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें सांप ने काटा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बढ़ते मामलों को देखते हुए उपचार की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रखी गई हैं।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ते हैं ऐसे मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों, झाड़ियों, बिलों और निचले इलाकों में पानी भर जाता है। ऐसे में सांप सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों, पशुबाड़ों, खलिहानों और अन्य ऊंचे स्थानों की ओर आ जाते हैं। कई बार वे लकड़ी के ढेर, भूसे, कपड़ों, बिस्तर या चारपाई के आसपास छिप जाते हैं। रात के समय अनजाने में उनके संपर्क में आने या उन पर पैर पड़ जाने से सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
समय पर इलाज सबसे जरूरी
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें। डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध होने पर अधिकांश मरीजों का सफल इलाज किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सर्पदंश के बाद प्रभावित अंग को अधिक न हिलाएं, घाव को काटने, चूसने या कसकर बांधने की कोशिश न करें और मरीज को शांत रखते हुए जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता दिलाएं।
बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
विशेषज्ञों ने बरसात के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। घर और उसके आसपास झाड़ियां तथा घास साफ रखें ताकि सांपों के छिपने की संभावना कम हो। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें और खेतों या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाते समय लंबे जूते पहनें। जमीन पर सीधे सोने से बचें तथा सोने से पहले बिस्तर और चादर को अच्छी तरह जांच लें। साथ ही, घर में चूहों की संख्या कम रखने पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं।
अंधविश्वास से बचने की अपील
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है और सर्पदंश के मरीजों का तत्काल इलाज किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो बिना घबराए तुरंत उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर मिला वैज्ञानिक उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।