उत्तर प्रदेश

CourtIncident – जिला अदालत में मारपीट मामले पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

CourtIncident– लखनऊ के कैसरबाग स्थित जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं और उनके मुवक्किल के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने तत्काल हस्तक्षेप किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर विशेष खंडपीठ गठित की गई। न्यायालय ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद लखनऊ के पुलिस आयुक्त और जिला जज से पूरे घटनाक्रम पर व्यक्तिगत रिपोर्ट तलब करते हुए अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

lucknow court assault case

विशेष पीठ ने की तत्काल सुनवाई

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की विशेष खंडपीठ ने मंगलवार शाम मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि यदि न्यायालय परिसर में ही अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं तो यह न्यायिक प्रक्रिया के लिए गंभीर विषय है। इसी कारण अदालत ने संबंधित अधिकारियों से घटना के प्रत्येक पहलू पर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप

दिल्ली से आए अधिवक्ताओं की ओर से दायर प्रार्थना पत्र में कहा गया कि वे एक दीवानी वाद में अपने मुवक्किल की ओर से वकालतनामा दाखिल करने जिला अदालत पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें अदालत में पेश होने से रोका, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। याचिका में यह भी दावा किया गया कि उनके मुवक्किल के साथ भी कथित रूप से हिंसा की गई, जिसके कारण अदालत परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की होगी जांच

सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से घटना का एक वीडियो भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध वीडियो को प्रथम दृष्टया संज्ञान में लेते हुए जिला जज को संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित रहे।

पुलिस को सुरक्षा और जांच के निर्देश

लखनऊ पुलिस आयुक्त ने अदालत को बताया कि घायल पक्ष को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि शिकायत में नामित व्यक्तियों के संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता अधिवक्ताओं और उनके मुवक्किल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकें।

न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि विवाद एक संपत्ति संबंधी मामले से जुड़ा है और इसी सिलसिले में बाहरी अधिवक्ताओं को पैरवी के लिए नियुक्त किया गया था। अदालत ने इस दौरान न्यायालय के एक कर्मचारी की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों पर भी संज्ञान लिया है। फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक कार्यवाही की जाएगी।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.