Extortion – जदयू विधायक के बेटे को व्हाट्सएप पर मिली लेवी मांगने की धमकी
Extortion– बिहार के गया जिले में बेलागंज से जदयू विधायक मनोरमा देवी के बड़े पुत्र और निर्माण कार्य से जुड़े संवेदक राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी यादव को व्हाट्सएप के माध्यम से कथित तौर पर लेवी मांगने और काम बंद कराने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद रामपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा है या किसी ने संगठन का नाम लेकर रंगदारी वसूलने की कोशिश की है।

व्हाट्सएप कॉल और संदेश के जरिए दी गई धमकी
रामपुर थाना पुलिस के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से एक व्हाट्सएप नंबर से लगातार कॉल आ रही थीं। संबंधित नंबर की प्रोफाइल पर भाकपा माओवादी का उल्लेख दिखाई दे रहा था। आरोप है कि सोमवार शाम उसी नंबर से भेजे गए संदेश में झारखंड के चतरा क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य का हवाला देते हुए पांच प्रतिशत लेवी की मांग की गई। संदेश में यह भी कहा गया कि निर्धारित राशि नहीं देने पर परियोजना का काम रुकवाया जा सकता है।
झारखंड में चल रही परियोजनाओं का किया गया जिक्र
रॉकी यादव ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वे चतरा बाईपास क्षेत्र में भारत विकास परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य से जुड़े हैं। इसके अलावा चतरा जिले में एक खनन परियोजना की निगरानी का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के मुताबिक, कथित धमकी इन्हीं परियोजनाओं के संदर्भ में दी गई और निर्माण कार्य प्रभावित करने की चेतावनी भी शामिल थी।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर, कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप संदेश की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि संदेश वास्तव में किसी नक्सली संगठन से जुड़ा है या फिर किसी व्यक्ति ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अवैध वसूली का प्रयास किया है। मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
झारखंड कनेक्शन की भी पड़ताल
पुलिस इस मामले में बिहार और झारखंड के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, शिकायत सामने आने के बाद विधायक मनोरमा देवी के छोटे पुत्र जैकी यादव भी चतरा पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। जांच एजेंसियां दोनों राज्यों से जुड़े तथ्यों का मिलान कर रही हैं।
सभी पहलुओं पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित धमकी के पीछे संगठित गिरोह, प्रतिबंधित संगठन या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है। जांच पूरी होने तक पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया है।