UttarakhandJobs – भर्ती प्रक्रिया तेज करने की मांग पर युवाओं ने निकाला सचिवालय मार्च
UttarakhandJobs – उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों में तेजी लाने और लंबित परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने राजधानी देहरादून में प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने सचिवालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने पर प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।

परेड ग्राउंड से सचिवालय तक निकाली गई रैली
सुबह से ही अलग-अलग क्षेत्रों से आए अभ्यर्थी परेड ग्राउंड में जुटने लगे थे। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में निकली रैली तिब्बती मार्केट और कनक चौक होते हुए सचिवालय की ओर बढ़ी। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार से रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और लंबे समय से लंबित परिणाम जारी करने की मांग दोहराई। इनकम टैक्स तिराहे पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रैली को रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
15 दिन में कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि लंबे समय से युवाओं को केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि रोजगार के अवसर अपेक्षित गति से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की। इसमें जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, फॉरेस्ट गार्ड, सहायक लेखाकार, स्केलर, कनिष्ठ सहायक, पुलिस कांस्टेबल, उपनिरीक्षक, वन दरोगा, आबकारी विभाग और सचिवालय सुरक्षा से जुड़े पदों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
नर्सिंग अभ्यर्थियों ने भी उठाई अपनी मांग
इसी बीच नर्सिंग भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने भी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचने का प्रयास किया। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले पहुंचे प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि भर्ती परीक्षा रद्द कर वर्षवार भर्ती प्रणाली लागू की जाए। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें हिरासत में लिया। महिला अभ्यर्थियों को कैंट थाने ले जाया गया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों को निर्धारित धरना स्थल भेज दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने समाधान का दिया भरोसा
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री तक अपनी मांगें पहुंचाना था। इससे पहले अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य महानिदेशालय के बाहर भी प्रदर्शन किया था। इस दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने संबंधित मामले पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से चर्चा की। मंत्री की ओर से अभ्यर्थियों की मांगों पर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा मांगपत्र
बाद में बेरोजगार युवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल सचिवालय में अपर सचिव (कार्मिक) नवनीत पांडे से मिला और विस्तृत मांगपत्र सौंपा। अधिकारियों ने कुछ मुद्दों पर शीघ्र निर्णय और शेष मामलों में 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
चेतावनी के साथ खत्म हुआ धरना
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया और लंबित मामलों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) और लोक सेवा आयोग के समक्ष भी व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।