Pilgrimage Development – ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की 235 करोड़ की परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ
Pilgrimage Development – हरिद्वार में धार्मिक पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को नई दिशा देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि श्रद्धालुओं के स्वागत, सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

कांवड़ मेले के लिए पंजीकरण और निगरानी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले के दौरान दुकान लगाने वाले प्रत्येक व्यापारी के लिए पंजीकरण और वैध प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन खाद्य पदार्थों में मिलावट, स्वच्छता संबंधी लापरवाही और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सख्त रुख अपनाएगा। नाम बदलकर दुकान संचालित करने जैसे मामलों पर भी सरकार पूरी सतर्कता से कार्रवाई करेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बना रहे।
संत समाज और स्थानीय लोगों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपरा और आतिथ्य से है। धर्मनगरी के नागरिक, साधु-संत और सभी संबंधित पक्ष मिलकर देशभर से आने वाले शिवभक्तों का स्वागत करेंगे। उनका कहना था कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।
235 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का शुभारंभ
अलकनंदा होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इनमें 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन शामिल है। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये से हरकी पैड़ी और सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी के उत्तरी क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों की शुरुआत की गई।
महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं महाकुंभ-2027 की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उनका मानना है कि इन विकास कार्यों से हर वर्ष हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे शहर के समग्र विकास को गति मिलेगी।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के अनुरूप उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना भी है।
दिव्य और सुरक्षित महाकुंभ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि महाकुंभ-2027 को अब तक का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियों को भी उन्होंने इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा बताया।