DentalCare – कम उम्र से दांत मजबूत रखने के लिए अपनाएं ये 10 जरूरी आदतें
DentalCare – दांतों की देखभाल को अक्सर लोग तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक कोई समस्या सामने न आ जाए। समय के साथ यही लापरवाही दांतों में सड़न, पीलापन, मसूड़ों की परेशानी और कैविटी जैसी दिक्कतों का कारण बन सकती है। दंत चिकित्सक डॉ. इशिता जखनवाल ने सोशल मीडिया पर ऐसी 10 आदतों की जानकारी साझा की है, जिन्हें कम उम्र से अपनाकर लंबे समय तक दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

दिन में दो बार ब्रश करना जरूरी
विशेषज्ञ के अनुसार, सुबह और रात दोनों समय कम से कम दो मिनट तक ब्रश करना अच्छी आदत मानी जाती है। यदि किसी कारण से दिन में केवल एक बार ही ब्रश किया जा सकता है, तो उसे रात में सोने से पहले करना अधिक लाभदायक माना जाता है। रात के समय मुंह में बैक्टीरिया अधिक सक्रिय हो सकते हैं, जिससे कैविटी का खतरा बढ़ जाता है।
फ्लॉस और कुल्ले से जुड़ी सलाह
सिर्फ ब्रश करने से दांतों के बीच फंसे भोजन के कण हमेशा साफ नहीं हो पाते। ऐसे में दिन में एक बार डेंटल फ्लॉस का उपयोग करना लाभकारी हो सकता है। विशेषज्ञ यह भी बताती हैं कि रात में ब्रश करने के तुरंत बाद पानी से बार-बार कुल्ला करने के बजाय टूथपेस्ट की पतली परत दांतों पर रहने देना फ्लोराइड के प्रभाव को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकता है।
एसिडिक खाद्य पदार्थों के बाद रखें सावधानी
डॉ. जखनवाल के अनुसार, कॉफी, खट्टे फल या अन्य एसिडिक खाद्य पदार्थ खाने के तुरंत बाद ब्रश करने से बचना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थ दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को कुछ समय के लिए नरम बना सकते हैं। इसलिए विशेषज्ञ पहले ब्रश करने या फिर कुछ समय का अंतर रखने की सलाह देती हैं, ताकि इनेमल को नुकसान न पहुंचे।
सही उत्पाद और जाइलिटोल गम का उपयोग
दांतों का रंग हल्का करने वाले उत्पाद चुनते समय उनकी सामग्री पर ध्यान देना जरूरी है। विशेषज्ञ के अनुसार, पेरोक्साइड युक्त उत्पाद ही व्हाइटनिंग में प्रभावी माने जाते हैं। वहीं यदि किसी समय ब्रश करना संभव न हो, तो जाइलिटोल युक्त शुगर-फ्री गम चबाना एक विकल्प हो सकता है। इससे मुंह में बनने वाले एसिड को कम करने और कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की संख्या घटाने में सहायता मिल सकती है।
पानी पीना और बार-बार स्नैकिंग से बचना
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना केवल शरीर ही नहीं बल्कि दांतों के लिए भी लाभदायक माना जाता है। नियमित रूप से पानी पीने से मुंह साफ रहता है और इनेमल की सुरक्षा में मदद मिलती है। विशेषज्ञ यह भी कहती हैं कि पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी देर में मीठे या अन्य स्नैक्स खाते रहने से मुंह में एसिड बनने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है, जिससे दांतों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
नियमित जांच और फ्लोराइड वाले उत्पादों को दें प्राथमिकता
दंत चिकित्सक साल में कम से कम दो बार प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग कराने की सलाह देती हैं। इससे शुरुआती समस्याओं की पहचान समय रहते हो सकती है। साथ ही, केवल “Natural” लिखे होने के आधार पर किसी उत्पाद का चयन करने के बजाय यह देखना भी जरूरी है कि उसमें फ्लोराइड मौजूद है या नहीं। विशेषज्ञ के अनुसार, फ्लोराइड युक्त उत्पाद दांतों के इनेमल को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।