ExamSecurity – परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी, सरकार ने बनाई हाई-पावर टास्क फोर्स
ExamSecurity- केंद्र सरकार ने देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को व्यापक परीक्षा सुधारों के लिए एक हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह समूह तकनीकी सुरक्षा, साइबर जोखिम, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर सुधार संबंधी सुझाव देगा।

तकनीकी सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
सूत्रों का कहना है कि नई टास्क फोर्स का प्रमुख उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को तकनीकी स्तर पर अधिक मजबूत बनाना है। यह समिति ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेगी और यह सुनिश्चित करने के उपाय सुझाएगी कि किसी भी स्तर पर डेटा या प्रश्नपत्र से छेड़छाड़ की संभावना न्यूनतम रहे। इसके अलावा परीक्षा संचालन में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल सिस्टम को भी आधुनिक बनाने पर विचार किया जाएगा।
राधाकृष्णन समिति के काम को मिलेगा विस्तार
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि नई टास्क फोर्स पहले से गठित डॉ. के. राधाकृष्णन समिति का विकल्प नहीं है। वर्ष 2024 में गठित उस समिति ने परीक्षा सुधारों का विस्तृत खाका तैयार किया था। अब नई टीम उन सिफारिशों को तकनीकी और सुरक्षा के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का काम करेगी। सरकार का मानना है कि बदलती डिजिटल चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त विशेषज्ञता की जरूरत है।
साइबर चुनौतियों से निपटने की रणनीति
अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से परीक्षा की गोपनीयता भंग करने की कोशिशें लगातार सामने आती रही हैं। इसी कारण टास्क फोर्स साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी, ऑनलाइन परीक्षा के दौरान संभावित तकनीकी खामियों और इंटरनेट आधारित जोखिमों पर विशेष ध्यान देगी। उद्देश्य यह है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की सेंधमारी को पहले ही रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा सके।
विशेषज्ञों की मदद से तैयार होगी नई व्यवस्था
सूत्रों का कहना है कि टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करने के पीछे व्यापक रणनीति है। पूर्व आईबी प्रमुख तपन डेका जैसे विशेषज्ञों की मौजूदगी से परीक्षा की गोपनीयता, सुरक्षा तंत्र और संभावित आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम पर बेहतर सुझाव मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि पहले से ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की उम्मीद
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट, को लेकर उठे सवालों के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज हुई थी। सरकार को उम्मीद है कि टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। इससे परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत किया जा सकेगा।
गृह मंत्री और शिक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लग सके। इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने बताया कि वह मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं को समझने की प्रक्रिया में हैं।