StudentProtest – छात्र आंदोलन के बाद कार्रवाई तेज, तेजप्रताप यादव जेल अस्पताल में निगरानी में…
StudentProtest- पटना में छात्र आंदोलन के बाद की गई पुलिस कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार जेल भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को भी बेऊर केंद्रीय कारागार में रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण उन्हें सामान्य बैरक के बजाय जेल अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शुरुआती समय में भोजन लेने से किया इनकार
जेल अधिकारियों के मुताबिक, रविवार सुबह तेजप्रताप यादव को निर्धारित समय पर नाश्ता उपलब्ध कराया गया, लेकिन उन्होंने उसे लेने से मना कर दिया। दोपहर के भोजन के दौरान भी उन्होंने शुरुआत में भोजन नहीं किया। इसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें स्वास्थ्य की दृष्टि से नियमित भोजन करने की सलाह दी। अधिकारियों के समझाने के बाद उन्होंने रोटी, चावल और थोड़ी मात्रा में सब्जी खाई। जेल प्रशासन का कहना है कि उनकी चिकित्सकीय निगरानी जारी है।
छात्र आंदोलन के बाद बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां
पटना पुलिस के अनुसार, 22 से 25 जुलाई के बीच छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम के बाद कुल 198 लोगों को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेजा गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जनशक्ति जनता दल के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव, भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ तथा कुछ छात्र नेता भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कई थानों में दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस के मुताबिक, कोतवाली, सचिवालय और गांधी मैदान थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में 285 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा लगभग पांच हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी विभिन्न मामलों में कुल 23 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद 87 लोगों को थाने से ही छोड़ दिया गया। इनमें कुछ जनप्रतिनिधि और छात्र संगठन से जुड़े लोग भी शामिल थे।
विभिन्न थाना क्षेत्रों से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र से 48, गांधी मैदान थाना क्षेत्र से 138 और सचिवालय थाना क्षेत्र से 12 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, उपद्रव करने या पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप हैं, उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने जांच जारी रहने की कही बात
डीएसपी (विधि व्यवस्था-1) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की संलिप्तता तोड़फोड़, हिंसा या पुलिस पर हमले के मामलों में सामने आ रही है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, तेजप्रताप यादव के संबंध में पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और संबंधित जांच भी जारी है।