Cricket – अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म पर उठे सवाल, संजू सैमसन को लेकर भी छिड़ी बहस…
Cricket– जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। तीन टी20 मुकाबलों की श्रृंखला में वह केवल 11 रन ही बना सके। हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ मैचों में उनका प्रदर्शन लगातार उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इसी बीच पूर्व क्रिकेटरों ने चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और संजू सैमसन को सीमित अवसर मिलने पर अपनी राय खुलकर रखी है।

हालिया मैचों में नहीं चला अभिषेक का बल्ला
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला की शुरुआत अभिषेक शर्मा ने अर्धशतक के साथ की थी, लेकिन इसके बाद उनकी पारियों में निरंतरता नहीं दिखी। अगले मुकाबलों में उन्होंने 43, 10, 16 और 3 रन बनाए। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने 49 रन की पारी खेली थी, जबकि दूसरे मुकाबले में बिना खाता खोले लौट गए थे। पिछले 10 टी20 मैचों में उनके नाम केवल एक अर्धशतक दर्ज है और दो बार ही वह 30 से अधिक रन बना सके हैं। टी20 विश्व कप में भी आठ पारियों में उन्होंने 141 रन बनाए थे, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे।
संजू सैमसन को सीमित मौके मिलने पर चर्चा
दूसरी ओर, संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच पारियों में 321 रन बनाए थे। उन्होंने नॉकआउट चरण के अहम मुकाबलों में उपयोगी पारियां खेलकर भारत की खिताबी जीत में योगदान दिया था। इसके बावजूद आयरलैंड के खिलाफ उन्हें दो और इंग्लैंड के खिलाफ दो मैच खेलने का मौका मिला। इन चार पारियों में उनके स्कोर 5, 0, 1 और 27 रन रहे। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। वैभव सूर्यवंशी के टीम में आने के बाद सैमसन की वापसी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पूर्व क्रिकेटरों ने चयन नीति पर उठाए सवाल
भारत के पूर्व क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि संजू सैमसन को लगातार अवसर नहीं मिलना समझ से परे है। उनके अनुसार, जब एक खिलाड़ी को लगातार मौके दिए जा सकते हैं तो दूसरे खिलाड़ी के साथ अलग रवैया क्यों अपनाया जाता है। श्रीकांत ने यह भी कहा कि सैमसन को अपनी बल्लेबाजी में थोड़ा धैर्य दिखाने की जरूरत है। उनका मानना है कि यदि वह शुरुआती कुछ गेंदों पर समय लेकर खेलें तो बाद में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से स्ट्राइक रेट की भरपाई आसानी से कर सकते हैं।
हनुमा विहारी ने भी रखी अपनी राय
पूर्व भारतीय बल्लेबाज हनुमा विहारी ने भी इसी मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सैमसन को खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर कर दिया गया, लेकिन अभिषेक शर्मा को लगातार मौके मिलते रहे। विहारी के अनुसार, खिलाड़ियों का मूल्यांकन समान मानकों पर होना चाहिए। उनका कहना था कि जब किसी खिलाड़ी के खराब दौर पर लगातार चर्चा होती है तो दूसरे खिलाड़ी के प्रदर्शन पर भी उसी तरह समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सैमसन ने बड़े मुकाबलों में अपनी उपयोगिता साबित की है और आईपीएल सहित कई टूर्नामेंटों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
चयन को लेकर चर्चा जारी
भारतीय टीम में जगह बनाने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन, बड़े मैचों में योगदान और निरंतरता को लेकर बहस तेज होना स्वाभाविक है। फिलहाल चयन समिति की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियों के बाद टीम चयन और अवसरों के संतुलन को लेकर चर्चा फिर से केंद्र में आ गई है।