MonsoonUpdate – यूपी में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, कई जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
MonsoonUpdate– उत्तर प्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद मॉनसूनी द्रोणी की स्थिति में बदलाव आया है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस अवधि में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मंगलवार और बुधवार के लिए कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

अगले कई दिनों तक बने रहेंगे बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 जुलाई को प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रों में बारिश दर्ज होने की संभावना है। इसके बाद 29 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों और पूर्वी हिस्से के कई इलाकों में अच्छी वर्षा होने के संकेत हैं। 30 और 31 जुलाई को भी प्रदेश के विभिन्न भागों में बारिश, बादलों की गरज और बिजली चमकने जैसी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
इन जिलों में भारी वर्षा की संभावना
पूर्वानुमान के अनुसार, 28 जुलाई को सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, झांसी, महोबा, हमीरपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं सहित कई जिलों में भी तेज बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं 29 जुलाई को ललितपुर में अत्यधिक वर्षा का अनुमान है, जबकि बांदा, चित्रकूट, झांसी, महोबा, हमीरपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, बरेली और पीलीभीत समेत कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
जलभराव और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है और नदियों व नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। इसके अलावा सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने, बिजली आपूर्ति में बाधा आने तथा कमजोर मकानों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए जारी की गई विशेष सलाह
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कृषि क्षेत्र के लिए भी आवश्यक परामर्श जारी किया गया है। किसानों से कहा गया है कि खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखें ताकि धान, गन्ना, मक्का, दलहन, तिलहन और सब्जी फसलों में जलभराव की समस्या न हो। मौसम सामान्य होने तक उर्वरकों का प्रयोग टालने की भी सलाह दी गई है। साथ ही केला, पपीता और अन्य बागवानी फसलों को सहारा देने तथा फसलों में रोगों की नियमित निगरानी रखने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि लगातार नमी के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सके।