UPNL Employees – समान वेतन लागू करने में देरी पर विभागों को मिली तीन दिन की मोहलत
UPNL Employees – उत्तराखंड में समान कार्य के लिए समान वेतन से जुड़े न्यायालय के निर्देशों के पालन में हो रही देरी पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागों को तीन दिन के भीतर उपनल (UPNL) कर्मचारियों के नए अनुबंध की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित विभागाध्यक्षों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जा सकती है।

लगभग 11 हजार कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में राज्य के करीब 11 हजार उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के बदले समान वेतन का लाभ दिया जाना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग में कर्मचारियों के साथ नए अनुबंध किए जा रहे हैं। हालांकि कई विभागों में यह प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके चलते सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
सचिव समिति की बैठक में दिए स्पष्ट निर्देश
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो संबंधित विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार का उद्देश्य न्यायालय के आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित करना और कर्मचारियों को निर्धारित लाभ उपलब्ध कराना है।
पदोन्नति और एसीआर पर भी जोर
बैठक में केवल उपनल कर्मचारियों के मुद्दे ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति और वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 30 जून तक पदोन्नति के लिए पात्र कर्मचारियों की प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू की जाए। साथ ही सभी विभागों को एसीआर और उससे संबंधित लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के लिए कहा गया, ताकि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
पेंशनर्स ने लंबित मांगों पर जताई नाराजगी
इधर, राजकीय पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने पेंशनभोगियों की लंबित समस्याओं के समाधान में देरी पर असंतोष व्यक्त किया है। संगठन ने गोल्डन कार्ड योजना, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कई पेंशनभोगियों को अपने दावों के भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है।
गोल्डन कार्ड और मेडिकल बिलों के समाधान की मांग
संगठन के अध्यक्ष बची सिंह रावत ने कहा कि जिन पेंशनभोगियों का गोल्डन कार्ड योजना में किसी कारणवश पंजीकरण नहीं हो सका, उन्हें दोबारा अवसर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही अस्पतालों और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े लंबित बिलों का जल्द भुगतान करने की मांग भी दोहराई गई। उनका कहना है कि इन मुद्दों का समय पर समाधान नहीं होने से वरिष्ठ नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
पेंशनर्स संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द उनकी लंबित मांगों पर निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। संगठन का कहना है कि उसने अपनी मांगों से संबंधित सुझाव सरकार तक पहुंचा दिए हैं और अब समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से विभागों को दिए गए नए निर्देशों के बाद आने वाले दिनों में उपनल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े मामलों में प्रगति पर नजर रहेगी।