Accident – शामली हाईवे पर बैरिकेडिंग की रस्सी से स्कूटी टकराई, युवक की गई जान
Accident – उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान की गई बैरिकेडिंग एक दर्दनाक हादसे का कारण बन गई। पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर बैरिकेडिंग में बंधी रस्सी से स्कूटी उलझ जाने के बाद 33 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

बनत पुल के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बाबरी थाना क्षेत्र के तलवा माजरा गांव का रहने वाला कमल उर्फ विश्वास बुधवार सुबह स्कूटी से बनत की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही वह बनत पुल के समीप पहुंचा, कांवड़ यात्रा के लिए लगाए गए बैरिकेड की रस्सी अचानक उसकी स्कूटी में फंस गई। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत
सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कमल की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक का माहौल फैल गया। परिजनों के अनुसार वह अविवाहित था और कंडेला स्थित एक चम्मच निर्माण फैक्टरी में काम करता था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा उसी पर था। उसके असमय निधन से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने घर का सबसे बड़ा सहारा खो दिया है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके।
बैरिकेडिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर की गई बैरिकेडिंग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सड़क पर लगाए जाने वाले अवरोधक और रस्सियां ऐसी हों जिन्हें दूर से आसानी से देखा जा सके और जो निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। लोगों का मानना है कि यदि बैरिकेडिंग अधिक स्पष्ट और सुरक्षित तरीके से की जाती, तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी।
सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की तैयारी
घटना के बाद संबंधित विभागों की ओर से बैरिकेडिंग व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा इंतजामों में अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।