Pilgrimage – सावन में काशी तैयार, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधाओं का व्यापक इंतजाम…
Pilgrimage – सावन माह के आगमन के साथ भगवान शिव की नगरी वाराणसी पूरी तरह श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हो गई है। काशी विश्वनाथ धाम से लेकर रेलवे स्टेशन, प्रमुख घाटों और शहर के मुख्य मार्गों तक सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन का अनुमान है कि दो अगस्त से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संख्या में तेजी आएगी, जबकि तीन अगस्त को पहले सावन सोमवार पर बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

रेलवे स्टेशन और परिवहन व्यवस्था को बनाया गया सुगम
बाहर से आने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में विशेष होल्डिंग एरिया तैयार किया गया है। यहां श्रद्धालु ट्रेन का इंतजार आराम से कर सकेंगे। रेलवे ने देवघर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया है। वहीं, राज्य परिवहन निगम ने कांवड़ मार्गों पर 39 अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई है, ताकि यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
दशाश्वमेध घाट पर महीनेभर चलेगा भंडारा
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दशाश्वमेध क्षेत्र में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। चितरंजन पार्क के निकट दोपहर के समय श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन से जुड़े स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रयास से यह सेवा पूरे सावन महीने तक जारी रहेगी। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ के शामिल होने का कार्यक्रम तय किया गया है।
पांच हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए वाराणसी पुलिस ने विस्तृत कार्ययोजना लागू की है। पूरे शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार पांच आईपीएस अधिकारियों, 50 राजपत्रित अधिकारियों और करीब पांच हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों, घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल मौजूद रहेगा। जल पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी और अन्य विशेष टीमें भी आवश्यकता के अनुसार तैनात रहेंगी।
आधुनिक तकनीक से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। शहर के अधिकांश हिस्सों पर सीसीटीवी कैमरों और ‘त्रिनेत्र’ निगरानी प्रणाली के जरिए लगातार नजर रखी जाएगी। इसके अलावा ड्रोन से भी चौबीसों घंटे निगरानी होगी। कंट्रोल रूम से काशी विश्वनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस, फायर टेंडर, क्विक रिस्पॉन्स टीम और खोया-पाया केंद्र भी सक्रिय रहेंगे।
बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में अलग-अलग कतारों की व्यवस्था
बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में भी सावन महोत्सव के दौरान विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर निर्धारित समय के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं, जबकि विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधिक भीड़ होने की स्थिति में विशेष तिथियों पर गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है। अन्य दिनों में भीड़ की स्थिति के अनुसार इसकी अनुमति दी जाएगी।
सावन में बनेंगे कई शुभ योग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष सावन मास में भगवान शिव की उपासना के लिए कई विशेष योग बन रहे हैं। पूरे महीने में सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, त्रिपुष्कर योग, रवि योग और बुधादित्य योग जैसे नौ प्रमुख शुभ संयोग पड़ेंगे। धार्मिक मान्यता है कि इन योगों में शिव आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है। इसी कारण इस बार सावन का धार्मिक महत्व पहले की तुलना में अधिक माना जा रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।