ThreatCase – भोजपुर में एनकाउंटर मामले के बाद धमकी और मारपीट की शिकायत, जांच तेज…
ThreatCase– भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। मृतक के परिजनों ने जान से मारने की धमकी मिलने और परिवार के एक रिश्तेदार के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। घटना के संबंध में शाहपुर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी हलचल
बताया गया है कि मंगलवार को भरत भूषण तिवारी के फुफेरे भाई अंशु कुमार चौबे के साथ कथित मारपीट की गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग उनके साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और परिवार के सदस्य बीच-बचाव करते भी नजर आते हैं। पुलिस वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
चार लोगों पर लगाए गए आरोप
दर्ज शिकायत में बिलौटी गांव के निवासी सरोज त्रिपाठी, उनके भाई पंकज त्रिपाठी, अमरीश कुमार तिवारी और उनके पुत्र उमेश तिवारी पर धमकी देने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जगदीशपुर के एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा और शाहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह गांव पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और जांच की प्रगति का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है।
आंदोलन से जुड़े लोगों के नाम आने पर चर्चा
इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, वे भरत भूषण तिवारी की एनकाउंटर में हुई मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय बताए जाते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सड़क जाम से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक हुए प्रदर्शन में उनकी भागीदारी की चर्चा रही थी। अब उन्हीं लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद पूरे मामले को नए नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मां ने सोशल मीडिया पर उत्पीड़न का भी लगाया आरोप
भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परिवार को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार के सदस्यों के बारे में आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उनके अनुसार गवाहों को भी डराने-धमकाने की कोशिश की गई है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
आरोपों से किया गया इनकार, पुलिस जुटी जांच में
दूसरी ओर, जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है, उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से इस विवाद में शामिल किया जा रहा है और लगाए गए आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे का निर्णय लिया जाएगा।