Detention – बांकीपुर उपचुनाव से पहले हिरासत के दावे पर थाने में बढ़ा राजनीतिक विवाद
Detention- बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जनसुराज पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के दावे के बाद बुधवार देर रात पटना के जक्कनपुर थाना परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर अपने सहयोगियों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से कार्यकर्ताओं की स्थिति तथा उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया, इसकी जानकारी मांगी। इस दौरान थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और जनसुराज नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

जानकारी मांगने को लेकर हुई तीखी बहस
थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें अंतिम सूचना मिली थी कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को जक्कनपुर थाने लाया गया है। उन्होंने पुलिस से पूछा कि यदि किसी पर कार्रवाई की गई है तो उसके संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करना उचित होगा, क्योंकि उनके पास पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसी बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ समय के लिए तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
वीडियो में दिखा संवाद
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रशांत किशोर और पुलिसकर्मी के बीच सवाल-जवाब होते दिखाई देते हैं। बातचीत के दौरान पुलिसकर्मी ने कहा कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के पास है। वहीं प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी कोशिश केवल यह जानने की है कि जिन लोगों को हिरासत में लेने की बात कही जा रही है, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। वीडियो में दोनों पक्ष अपने-अपने पक्ष रखते नजर आते हैं।
जनसुराज ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
जनसुराज पार्टी का आरोप है कि उसके करीब 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, लेकिन उनके परिजनों और पार्टी पदाधिकारियों को न तो कारण बताया गया और न ही यह जानकारी दी गई कि उन्हें कहां रखा गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई परिवार लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। उनका दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर थाने के भीतर से अपनी तस्वीरें भी भेजी हैं।
पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क की बात कही
थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना था कि संबंधित कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई है और वही इस मामले में विस्तृत जानकारी दे सकते हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने पार्टी नेताओं से आग्रह किया कि वे उच्च अधिकारियों से संपर्क करें। पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा कि उनके स्तर पर उपलब्ध जानकारी सीमित है और वे उसी के अनुरूप जवाब दे रहे हैं।
देर रात तक जारी रही हलचल
इस घटनाक्रम से पहले जनसुराज कार्यालय में एक आपात बैठक भी हुई थी। बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन हिरासत से जुड़ी जानकारी परिजनों और संबंधित लोगों को समय पर मिलनी चाहिए। देर रात तक पार्टी नेता थाना परिसर में मौजूद रहे और आधिकारिक जानकारी मिलने का इंतजार करते रहे। दूसरी ओर, पुलिस की ओर से कहा गया कि मामले में आवश्यक जानकारी सक्षम अधिकारी ही उपलब्ध कराएंगे।