Nutrition – बरसात में मिलने वाला करौंदा सेहत के लिए क्यों माना जाता है खास…
Nutrition – बारिश के मौसम में बाजारों में आसानी से मिलने वाला करौंदा स्वाद में भले ही खट्टा होता है, लेकिन पोषण के लिहाज से इसे बेहद लाभकारी मौसमी फल माना जाता है। न्यूट्रीशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस छोटे से फल में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों के बेहतर कामकाज में मदद कर सकते हैं। विटामिन सी, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर करौंदा संतुलित आहार का उपयोगी हिस्सा बन सकता है।

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है करौंदा
न्यूट्रीशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, करौंदे में फिनोलिक एसिड, फ्लेवोनॉइड्स और एंथोसायनिन्स जैसे कई बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीऑक्सीडेंट्स कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं, जिससे समग्र स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।
मेटाबॉलिज्म और वजन प्रबंधन में मिल सकता है सहयोग
विशेषज्ञों के अनुसार, करौंदे में मौजूद प्राकृतिक फाइटोकेमिकल्स शरीर की चयापचय प्रक्रिया यानी मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ इसका सेवन वजन प्रबंधन की योजना का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ के आधार पर वजन घटाने का दावा करना उचित नहीं माना जाता।
ब्लड शुगर संतुलित रखने में हो सकता है सहायक
न्यूट्रीशनिस्ट का कहना है कि भोजन के साथ सीमित मात्रा में करौंदे का सेवन करने से भोजन के बाद ब्लड शुगर के स्तर में अचानक होने वाली वृद्धि को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसकी चटनी या अन्य पारंपरिक व्यंजनों के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
लिवर और पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी
करौंदे में मौजूद घुलनशील फाइबर और पेक्टिन पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माने जाते हैं। ये आंतों के सामान्य कार्य को सहयोग देने के साथ कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व लिवर के सामान्य कार्य को समर्थन देने में भूमिका निभा सकते हैं, हालांकि इस विषय पर अधिक वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है।
दिल और त्वचा की सेहत का भी रख सकता है ध्यान
करौंदे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो हृदय की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा, फ्लेवोनॉइड्स और एंथोसायनिन्स जैसे तत्व त्वचा की कोशिकाओं की सुरक्षा में भी योगदान दे सकते हैं, जिससे त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ दिखाई देने में मदद मिल सकती है।
विटामिन सी और आयरन का अच्छा स्रोत
विशेषज्ञों के अनुसार, करौंदे में विटामिन सी के साथ आयरन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। विटामिन सी शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण में सहायता करता है, जिससे यह पोषक तत्व और अधिक प्रभावी हो सकता है। नियमित और संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन शरीर को आवश्यक पोषण देने में मदद कर सकता है।
करौंदे का सेवन कैसे करें?
करौंदे का स्वाद काफी खट्टा होने के कारण कई लोग इसे सीधे खाना पसंद नहीं करते। ऐसे में इसकी चटनी तैयार करना एक लोकप्रिय तरीका है। इसमें प्याज, लहसुन, जीरा, हरी मिर्च, साबुत धनिया और काला नमक मिलाकर स्वादिष्ट चटनी बनाई जा सकती है। इसे भोजन के साथ सीमित मात्रा में परोसकर मौसमी फल का स्वाद और पोषण दोनों का लाभ लिया जा सकता है।