स्वास्थ्य

LungCancer – वर्ल्ड लंग कैंसर डे पर तंबाकू के हर रूप से बचने की विशेषज्ञों ने दी सलाह

LungCancer – हर वर्ष 1 अगस्त को विश्व लंग कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस अवसर का उद्देश्य लोगों को फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरूक करना और समय रहते जांच व उपचार के महत्व को समझाना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सिगरेट या बीड़ी का धुआं ही नहीं, बल्कि गुटखा, खैनी और अन्य चबाने वाले तंबाकू उत्पाद भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। विभिन्न मेडिकल अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि ऐसे उत्पादों का नियमित सेवन शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

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चबाने वाला तंबाकू भी बढ़ा सकता है खतरा

आम धारणा यह है कि फेफड़ों का कैंसर केवल धूम्रपान करने वालों को होता है, लेकिन विशेषज्ञ इस सोच को अधूरा मानते हैं। उनका कहना है कि गुटखा और खैनी में मौजूद हानिकारक रसायन लार के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर रक्त प्रवाह तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद ये तत्व शरीर के विभिन्न अंगों, विशेष रूप से फेफड़ों, पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। कुछ मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, नियमित रूप से गुटखा खाने वालों में लंग कैंसर का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक पाया गया है।

शरीर पर कैसे असर डालते हैं तंबाकू के रसायन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू में मौजूद निकोटिन और नाइट्रोसामाइन्स जैसे रसायन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये तत्व डीएनए में बदलाव पैदा करने की क्षमता रखते हैं, जिससे लंबे समय में असामान्य कोशिकाओं का विकास और ट्यूमर बनने का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि चिकित्सक किसी भी रूप में तंबाकू के सेवन से दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं।

तंबाकू की आदत छोड़ने के लिए अपनाए जा सकते हैं घरेलू उपाय

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गोयल के अनुसार, गुटखा या खैनी छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों को मुंह में कुछ रखने की आदत को स्वस्थ विकल्पों से बदलना चाहिए। उनके मुताबिक, थोड़ी सी अजवाइन में चुटकीभर सेंधा नमक मिलाकर उसे मुंह में रखने से तंबाकू खाने की इच्छा कुछ समय के लिए कम हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि अजवाइन पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार मानी जाती है और मुंह के छालों में भी राहत पहुंचा सकती है। हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहता है।

तलब कम करने के लिए अन्य विकल्प भी मौजूद

विशेषज्ञों के अनुसार, आंवला भी तंबाकू की आदत कम करने में सहायक विकल्प हो सकता है। इसके अलावा अजवाइन में काला नमक और नींबू का रस मिलाकर सुखाने के बाद उसे चबाने की सलाह भी दी जाती है। भुनी हुई अजवाइन का उपयोग भी कई लोग करते हैं। हालांकि, इन उपायों के साथ सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मजबूत इच्छाशक्ति की होती है। संतुलित आहार, नियमित योग, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और स्वयं को व्यस्त रखने जैसी आदतें भी तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बना सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को तंबाकू की गंभीर लत है, तो उसे डॉक्टर या नशा मुक्ति विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

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