बिहार

Satellite Township – तीन चरणों में होगा पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप का विकास

Satellite Township- पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की तैयारी की गई है। इसके लिए तैयार मास्टर प्लान का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है और उस पर आम लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जा रहे हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार वर्ष 2047 तक करीब 66 लाख आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। टाउनशिप की सीमा में दो नगर निकाय, नौ प्रखंड और 274 गांव शामिल हैं, जहां फिलहाल अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण स्वरूप में है।

patliputra satellite township development plan

आधारभूत ढांचे पर रहेगा शुरुआती फोकस

योजना के पहले चरण में जमीन अधिग्रहण, आवश्यक स्वीकृतियां और बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) का गठन प्रस्तावित है, जो परियोजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। सबसे पहले कोर क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसके बाद केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्र (CBD) और आसपास के हिस्सों का विस्तार होगा। इसी अवधि में सड़क, नाला, पेयजल, ड्रेनेज, बिजली और सार्वजनिक परिवहन जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा ताकि आगे के विकास की मजबूत नींव तैयार हो सके।

चौड़ी सड़कों और आधुनिक सेवाओं की होगी व्यवस्था

पहले पांच वर्षों के दौरान उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा को जोड़ने वाली लगभग 90 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। यह मार्ग पूरी टाउनशिप की प्रमुख कनेक्टिविटी का आधार बनेगा और इसे रिंग रोड समेत अन्य प्रमुख सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा कई अन्य सड़कों का चौड़ीकरण 60 मीटर तक किया जाएगा। इसी चरण में सीवरेज नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था, उपयोगिता गलियारे, एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, ट्रांजिट हब, प्रशासनिक परिसर, जल संरक्षण संरचनाएं और हरित पट्टियों के विकास का भी लक्ष्य रखा गया है।

दूसरे चरण में थीम आधारित शहर का विस्तार

परियोजना के दूसरे चरण की अवधि पांच से दस वर्ष निर्धारित की गई है। इस दौरान टाउनशिप में विषय आधारित विकास कार्य किए जाएंगे। नए MRTS कॉरिडोर, केंद्रीय ट्रांजिट हब, औद्योगिक हब और फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना है। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार, स्पोर्ट्स सिटी, बड़े सार्वजनिक पार्क तथा मनोरंजन स्थलों का निर्माण भी इसी अवधि में प्रस्तावित है। सरकारी परिसरों के लिए डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम और आधुनिक कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू करने की भी तैयारी की गई है।

तीसरे चरण में महानगर के रूप में होगा विस्तार

दस से बीस वर्षों के बीच प्रस्तावित तीसरे चरण में पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप को पूर्ण विकसित महानगर का स्वरूप देने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवधि में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का व्यापक विस्तार किया जाएगा। टाउनशिप को रैपिड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना भी इसी चरण में पूरी की जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पर्यटन, आतिथ्य और होटल क्षेत्र के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक और शहरी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके।

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