Scholarship – बांका की जानू कुमारी का कोरिया की प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति में चयन
Scholarship – बांका जिले के अमरपुर प्रखंड के सलेमपुर गांव की जानू कुमारी ने अपनी शैक्षणिक मेहनत के दम पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन वर्ष 2026 की ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप (GKS) के लिए हुआ है। इस छात्रवृत्ति के माध्यम से जानू दक्षिण कोरिया की सन मून यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय से मास्टर डिग्री की पढ़ाई करेंगी। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस छात्रवृत्ति तक पहुंचने पर उनके परिवार के साथ-साथ सलेमपुर और आसपास के इलाके में भी खुशी का माहौल है।

गांव के स्कूल से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
जानू कुमारी की शुरुआती पढ़ाई सलेमपुर स्थित हाई स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने भागलपुर के शारदा झुनझुनवाला महिला महाविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के दौरान उनकी रुचि लगातार उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की ओर बनी रही।
जानू मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। उनके पिता चंडिका चौधरी और मां रानी चौधरी ने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। परिवार के सदस्यों के मुताबिक जानू बचपन से ही पढ़ाई में गंभीर और मेहनती रही हैं। उनके चाचा अंबिका चौधरी ने बताया कि जानू ने इस छात्रवृत्ति को हासिल करने के लिए लंबे समय तक तैयारी की और करीब तीन वर्षों से लगातार इसके लिए प्रयास कर रही थीं।
देशभर से सीमित विद्यार्थियों को मिलता है अवसर
ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप दक्षिण कोरिया के शिक्षा मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन की ओर से दी जाती है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को दक्षिण कोरिया में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर उपलब्ध कराता है।
जानू के अनुसार, छात्रवृत्ति के लिए प्रत्येक वर्ष आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाती है। भारत से इस कार्यक्रम के तहत सीमित संख्या में विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इस प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया में जगह बनाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
तीन साल की पढ़ाई के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं
जानू की छात्रवृत्ति अवधि 1 सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2029 तक निर्धारित है। इस दौरान वह सन मून यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय से मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी करेंगी।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार छात्रवृत्ति में पढ़ाई से जुड़े प्रमुख खर्च शामिल हैं। इसके तहत आने-जाने का हवाई किराया, पूरी ट्यूशन फीस, मासिक स्टाइपेंड और स्वास्थ्य बीमा का खर्च कोरियाई सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। इससे जानू को अपनी उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
उपलब्धि से क्षेत्र की छात्राओं में बढ़ा उत्साह
जानू कुमारी की सफलता की खबर सामने आने के बाद सलेमपुर गांव और आसपास के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। परिजनों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करेगी।
साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति हासिल करने वाली जानू की कहानी मेहनत, निरंतर प्रयास और शिक्षा के महत्व को सामने रखती है। अब दक्षिण कोरिया में आगे की पढ़ाई उनके शैक्षणिक सफर का नया अध्याय होगी।