Bhojpuri Film: ससुराल के जुल्मों का मुंहतोड़ जवाब देगी नई दुल्हन, ‘दुल्हनिया नाच नचाए’ ट्रेलर ने मचाया धमाल
Bhojpuri Film: भोजपुरी सिनेमा में एक बार फिर परिवार, रिश्ते और इंसाफ की मजबूत कहानी लेकर हाजिर हुई है फिल्म ‘दुल्हनिया नाच नचाए’. जैसे ही इसका ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज हुआ, दर्शकों का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया. शुभी शर्मा, स्मृति सिन्हा और अंशुमान सिंह राजपूत की तिकड़ी वाली इस फिल्म में सिर्फ डांस और गानों की भरमार नहीं है, बल्कि ससुराल में बहू पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ एक दमदार आवाज भी उठाई गई है. ट्रेलर देखकर साफ लग रहा है कि इस बार भोजपुरी दर्शकों को एक्शन, इमोशन और पारिवारिक ड्रामा का पूरा पैकेज मिलने वाला है.

कहानी जो सीधे दिल को छूती है
फिल्म की शुरुआत एक साधारण सी बहू से होती है, जिसे शुभी शर्मा ने बखूबी निभाया है. वह घर में सबकी सेवा करती है, पर ससुराल वाले उसकी कोई कद्र नहीं करते दिखाई नहीं देते. घर पर सिर्फ सास का राज चलता है और उसका घमंड आसमान छूता है. बहू को हर छोटी-बड़ी बात पर ताने सुनने पड़ते हैं. लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब घर में दूसरी बहू बनकर स्मृति सिन्हा की एंट्री होती है. स्मृति का किरदार एकदम बिंदास, बेबाक और एक्शन से भरपूर है. वह न सिर्फ सास के घमंड को चूर-चूर करती है, बल्कि पूरे घर में फैले अन्याय के खिलाफ खुलकर लड़ती है. ट्रेलर में उनका डायलॉग “अब इस घर में मेरी भी चलेगी” सुनकर दर्शक तालियां बजाने लगे हैं
एक्शन से भरपूर स्मृति सिन्हा का नया अवता
इस बार स्मृति सिन्हा को एकदम अलग अंदाज में देखने को मिल रहा है. आमतौर पर ग्लैमरस और डांसिंग रोल करने वाली स्मृति ने इस फिल्म में एक्शन हीरोइन का रोल निभाया है. लाठी-डंडे चलाने से लेकर सास-ससुर को करारा जवाब देने तक, उनका हर सीन जोश से भर देता है. दर्शक पहले ही कहने लगे हैं कि स्मृति इस रोल में खेसारी लाल और पवन सिंह की हीरोइनों को भी पीछे छोड़ रही हैं. उनका स्टाइल, डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज देखकर साफ है कि उन्होंने इस किरदार के लिए खूब मेहनत की है.
शुभी शर्मा का इमोशनल अंदाज
दूसरी तरफ शुभी शर्मा ने एकदम सीधी-सादी, संस्कारी बहू का रोल बखूबी निभाया है. उनके चेहरे पर वो दर्द साफ दिखता है जो हर उस बहू को होता है जो ससुराल में प्रताड़ित की जाती है. ट्रेलर में उनका एक सीन है जहाँ वह चुपचाप आंसू बहाते हुए भी घर का काम करती रहती है, उस सीन को देखकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं. शुभी और स्मृति के बीच का बॉन्ड फिल्म की जान है, दोनों बहुएं मिलकर किस तरह घर की व्यवस्था बदलती हैं, यही देखना सबसे मजेदार होने वाला है.
अंशुमान सिंह राजपूत का जिम्मेदार किरदार
फिल्म के हीरो अंशुमान सिंह राजपूत इस बार एक समझदार, जिम्मेदार और परिवारवादी लड़के के रोल में हैं. वह न तो बहुत मारधाड़ करते दिख रहे हैं और न ही बहुत रोमांस. बल्कि घर के दोनों बहुओं के साथ खड़े होकर सही-गलत का फैसला करते नजर आ रहे हैं. उनका किरदार फिल्म में बैलेंस बनाए रखता है और कई जगह हल्का-फुल्का हास्य भी पैदा करता है.
गाँव की मिट्टी की खुशबू और शानदार सिनेमेटोग्राफी
ट्रेलर में ग्रामीण परिवेश को जिस खूबसूरती से दिखाया गया है, वह काबिल-ए-तारीफ है. हरे-भरे खेत, गाँव की गलियां, चौपाल, मंदिर और त्योहारों के रंग—सब कुछ ऐसा लगता है मानो हम खुद उस गाँव में मौजूद हैं. गाने भी एकदम देसी अंदाज में हैं, जिनमें डांस और भाव दोनों का तड़का है. रेणु विजय फिल्म्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता हैं डॉ. संदीप उज्ज्वल और सुशांत उज्ज्वल.
बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म से प्रेरणा
जो दर्शक पुरानी बॉलीवुड फिल्में देखते हैं, उन्हें यह फिल्म देखते ही 1990 की सुपरहिट फिल्म ‘घर हो तो ऐसा’ की याद आ जाएगी. उस फिल्म में भी अनिल कपूर और मीना क्षपाणे ने सास के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी. ठीक वही थीम यहाँ भोजपुरी अंदाज में दोहराई गई है, लेकिन इस बार दो-दो बहुएं सास का घमंड तोड़ रही हैं.
फिल्म का ट्रेलर देखकर साफ है कि यह सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करेगी, बल्कि समाज में आज भी कई घरों में चल रहे बहू प्रताड़ना के मुद्दे पर भी गंभीरता से बात करेगी. आने वाले दिनों में यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन सकती है. दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर स्मृति सिन्हा सास को कैसे सबक सिखाती हैं और घर में सुख-शांति कैसे लौटती है.



