Key witness: संदेशखाली में शेख शाहजहाँ केस के पर हमला बेटे-ड्राइवर की मौत, भोलानाथ जिंदगी-मौत से जूझ रहे
Key witness: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब संदेशखाली मामले के अहम गवाह भोलानाथ घोष की कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा उस दिन हुआ जब भोलानाथ बशीरहाट कोर्ट में शेख शाहजहाँ के खिलाफ गवाही देने जा रहे थे। टक्कर इतनी भयानक थी कि भोलानाथ के छोटे बेटे सत्यजीत घोष और कार चलाने वाले ड्राइवर शाहनूर गफ्फार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। खुद भोलानाथ गंभीर रूप से घायल हैं और कोलकाता के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं।

हादसा कैसे हुआ, चालक मौके से फरार
घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे की है। भोलानाथ अपने बेटे और ड्राइवर के साथ बशीरहाट कोर्ट की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार नैजाट थाना क्षेत्र के बयरमारी पेट्रोल पंप के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक ट्रक ने सीधे उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर पास में खड़ी एक मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक सत्यजीत और शाहनूर की सांसें थम चुकी थीं।
परिवार का गंभीर आरोप – यह हत्या की साजिश है
भोलानाथ के बड़े बेटे ने मीडिया के सामने खुलकर आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से शेख शाहजहाँ के समर्थक उनके परिवार को लगातार धमकी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि नैजाट पंचायत समिति की अध्यक्ष सबीना राय और उपप्रधान मोसलेम शेख बार-बार घर आकर डराते-धमकाते थे। बेटे का साफ कहना है कि यह कोई साधारण सड़क हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत उनके पिता की हत्या कराने की कोशिश की गई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
भाजपा ने कहा – यह सुनियोजित हत्या की कोशिश
भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं की आवाज उठाने वाली रेखा पात्रा सहित कई नेताओं ने इसे सीधे तौर पर शेख शाहजहाँ और तृणमूल कांग्रेस की साजिश बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि जिस ट्रक से टक्कर हुई, उसके कागजात पिछले डेढ़ साल से नवीनीकरण नहीं हुए थे और संयोग से आज ही उसकी ईएमआई की तारीख थी। इतने सारे “संयोग” एक साथ नहीं हो सकते। विपक्ष ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में गवाहों की सुरक्षा नाममात्र की भी नहीं है।
कभी थे करीबी, फिर बने सबसे बड़े दुश्मन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोलानाथ घोष कभी शेख शाहजहाँ के काफी करीबी हुआ करते थे। दोनों साथ मिलकर इलाके में कई काम करते थे। लेकिन जब शाहजहाँ की अवैध गतिविधियां बढ़ीं तो भोलानाथ ने उससे दूरी बना ली। इसके बाद शाहजहाँ के गुर्गों ने भोलानाथ के घर पर हमला किया और तोड़फोड़ की। यहीं से दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हुई। बाद में जब ईडी और सीबीआई ने शाहजहाँ को गिरफ्तार किया तो भोलानाथ ने दोनों ही मामलों में अहम गवाह बनना स्वीकार कर लिया। बताया जाता है कि आम तौर पर भोलानाथ कार में आगे की सीट पर बैठते थे, लेकिन आज संयोग से पीछे बैठे थे – शायद यही वजह रही कि उनकी जान बच गई।
पुलिस क्या कह रही, जांच किस दिशा में
नैजाट पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह सड़क दुर्घटना लग रही है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीबीआई ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है क्योंकि भोलानाथ उनके केस के अहम गवाह हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश।
पश्चिम बंगाल की सियासत में यह मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस इसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बता रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे राज्य प्रायोजित हत्या की कोशिश। सच जो भी हो, दो मासूम लोगों की जान चली गई और एक परिवार बर्बाद हो गया। उम्मीद यही की जा सकती है कि जांच एजेंसियां जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाएंगी।



