Quinton de Kock T20I Records: डी कॉक को मिला ‘प्रोटीज क्रिकेट का ताज’, वह सम्मान जिसने उन्हें डिविलियर्स-कैलिस जैसा बना दिया…
Quinton de Kock T20I Records: साउथ अफ्रीका के विस्फोटक ओपनर क्विंटन डी कॉक ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 में भले ही शतक नहीं जमाया, लेकिन उनकी तूफानी बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया (cricket-performance)। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मुकाबले में डी कॉक ने 46 गेंदों पर 5 चौकों और 7 शानदार छक्कों की मदद से 90 रन की पारी खेली। 195.65 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी साउथ अफ्रीका की जीत की नींव बनी। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिसने उनके मायूस चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी।

एबी डी विलियर्स और कैलिस की बराबरी कर इतिहास में शामिल
डी कॉक की इस पारी ने न सिर्फ मैच जिताया, बल्कि उन्हें साउथ अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल कर दिया (T20-records)। प्लेयर ऑफ द मैच का यह उनका 7वां अवॉर्ड था, जिससे उन्होंने एबी डी विलियर्स की बराबरी करते हुए संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर जगह बनाई। साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड डेविड मिलर और तबरेज शम्सी के नाम है, जिनके पास 9-9 अवॉर्ड हैं। डी कॉक की निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें टीम का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी साबित करते हैं।
भारत के खिलाफ भी रिकॉर्डों में नंबर-1 पर पहुंचे डी कॉक
जब बात भारत के खिलाफ इंटरनेशनल मैचों की आती है, तो डी कॉक का बल्ला और ज्यादा बोलता है (match-awards)। भारत के खिलाफ यह उनका छठा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड है, जिससे उन्होंने जैक कैलिस और गैरी कर्स्टन की बराबरी करते हुए नंबर-1 स्थान साझा कर लिया। उनकी विस्फोटक शैली और भारतीय गेंदबाजों पर दबदबा हमेशा से चर्चा में रहा है, जिसने उन्हें भारत के खिलाफ सबसे सफल विदेशी बल्लेबाजों में शुमार कर दिया है।
साउथ अफ्रीका के रिकॉर्ड में डी कॉक का ऊंचा स्थान
टी20I मैचों में साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों के प्लेयर ऑफ द मैच रिकॉर्ड कुछ इस प्रकार हैं (SA-cricketers):
9 – डेविड मिलर
9 – तबरेज शम्सी
7 – एबी डी विलियर्स
7 – क्विंटन डी कॉक*
इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच:
6 – क्विंटन डी कॉक
6 – जैक कैलिस
6 – गैरी कर्स्टन
4 – एबी डी विलियर्स
4 – हेनरिक क्लासेन
इन आंकड़ों से साफ है कि डी कॉक बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं और खासतौर पर भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन असाधारण रहता है।
साउथ अफ्रीका की पारी: डी कॉक बने तूफान, साथियों ने दिया पूरा साथ
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का फैसला डी कॉक ने शुरुआती 6 ओवर में ही गलत साबित कर दिया (power-hitting)। साउथ अफ्रीका ने पहले पावरप्ले में सिर्फ 1 विकेट गंवाकर 53 रन बना लिए थे, जिसमें ज्यादातर रन डी कॉक के बल्ले से आए। उन्होंने एक तरफ से तूफानी बल्लेबाजी जारी रखी, जबकि दूसरी ओर एडन मार्करम (29), डोनोवन फरेरा (30) और डेविड मिलर (20) ने छोटी लेकिन प्रभावी पारियां खेलीं। पूरी टीम ने मिलकर 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 213 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
भारत की खराब शुरुआत ने कराई मुश्किलें और बढ़ा दबाव
214 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने बेहद खराब शुरुआत की (batting-collapse)। पहले ही ओवर में शुभमन गिल गोल्डन डक पर आउट हो गए, जबकि अभिषेक शर्मा 8 गेंदों में 17 रन बनाकर चलते बने। शुरुआत के झटकों के बाद भारतीय टीम बैकफुट पर चली गई। कप्तान सूर्यकुमार यादव भी इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जिससे दबाव और बढ़ गया। पावरप्ले के अंत तक भारत का स्कोर 3 विकेट पर सिर्फ 51 रन था, जो लक्ष्य के मुकाबले काफी पीछे था।
तिलक वर्मा ने दिखाई क्लास, मगर दूसरे छोर से मिला नहीं साथ
नंबर-5 पर आए तिलक वर्मा ने शानदार जुझारू पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की (counter-attack)। उन्होंने 34 गेंदों पर 2 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 62 रन बनाए। उनकी यह पारी टीम इंडिया की ओर से सबसे बेहतर थी, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहने का दबाव उन पर भारी पड़ गया। इस बार हार्दिक पांड्या भी टीम को बड़ा योगदान नहीं दे पाए, जिससे मैच भारत की पकड़ से दूर होता गया।
ओटनील बार्टमैन का कमाल और भारत की हार पक्की
साउथ अफ्रीका के लिए सबसे बड़ा हीरो साबित हुए ओटनील बार्टमैन, जिन्होंने 4 विकेट चटकाकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी (fast-bowling)। उनकी सटीक गेंदबाजी और परिवर्तनशील गति ने भारतीय बल्लेबाजों को बांधकर रखा। आखिरकार भारतीय टीम 19.1 ओवर में 162 रनों पर ऑलआउट हो गई। बड़े लक्ष्य के सामने भारत कभी भी मुकाबले में पूरी तरह नहीं दिखा।
डी कॉक की पारी ने बदल दिया मुकाबले का पूरा समीकरण
मैच की असली कहानी थी क्विंटन डी कॉक की आक्रामक बल्लेबाजी (match-impact)। उन्होंने शुरुआती ओवरों से ही भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोलकर विपक्ष पर दबाव बना दिया। उनकी पारी जितनी तेज थी, उतनी ही योजनाबद्ध भी। छक्कों की बरसात करते हुए उन्होंने मैच को साउथ अफ्रीका की ओर मोड़ने में केंद्रीय भूमिका निभाई। प्लेयर ऑफ द मैच बनकर उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक ओपनर्स में से एक हैं।



