Nitish Kumar Hijab Controversy: मर्यादा की सीमा या सियासी बवाल? नीतीश कुमार के नकाब हटाने पर मचा अंतरराष्ट्रीय हंगामा
Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिसने न केवल भारत बल्कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी हलचल मचा दी है। यह घटना उस समय की है जब मुख्यमंत्री आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक महिला डॉक्टर का नकाब (Women’s Rights and Dignity) हटा दिया, जिसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पाकिस्तान ने इस पर आधिकारिक बयान जारी कर इसे ‘बेहद परेशान करने वाला’ करार दिया है।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तल्ख टिप्पणी
इस्लामाबाद में आयोजित एक साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया। उन्होंने भारत के सभी हितधारकों से इस मामले की संवेदनशीलता को समझने की अपील की। अंद्राबी ने कहा कि एक वरिष्ठ राजनीतिक व्यक्तित्व द्वारा किसी मुस्लिम महिला का हिजाब (Religious Freedom Awareness) जबरन हटाना और फिर सार्वजनिक रूप से उसका मजाक उड़ाना निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं मुस्लिम महिलाओं के अपमान को समाज में एक सामान्य चलन बना सकती हैं।
मुजफ्फरपुर की अदालत में दर्ज हुई शिकायत
इस घटना का असर अब कानूनी गलियारों में भी दिखने लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजू नैयर ने इस मामले को लेकर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की एक स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद के विरुद्ध औपचारिक शिकायत (Legal Rights for Women) दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि मुख्यमंत्री के इस कृत्य से मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के लिए 18 जनवरी, 2026 की तारीख मुकर्रर की है।
क्या था उस वायरल वीडियो का सच?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह चल रहा था। जैसे ही एक महिला चिकित्सक अपना पत्र लेने मंच पर पहुंची, नीतीश कुमार की नजर उसके नकाब पर पड़ी। उन्होंने टोकते हुए पूछा, ‘यह क्या है?’ और फिर तुरंत (Public Decorum and Protocol) का ध्यान न रखते हुए अपने हाथों से उसका नकाब हटा दिया। इस अचानक हुए कृत्य से वहां मौजूद लोग और खुद महिला डॉक्टर भी असहज नजर आई, जिसने बाद में एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया।
स्वास्थ्य मंत्री का नौकरी छोड़ने की खबरों पर बयान
घटना के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जाने लगा कि अपमानित महसूस करने के कारण महिला चिकित्सक ने सरकारी नौकरी ज्वाइन करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इन खबरों को (Government Job Verification) सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के पास ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी या इस्तीफा नहीं आया है। विवाद बढ़ता देख प्रशासन अब इस मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में जुटा है, जबकि विपक्ष इसे मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता बता रहा है।



