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Jeffrey Epstein Secret Files Controversy: ट्रंप और एपस्टीन के साझा राज हिला देंगे अमेरिकी राजनीति की बुनियाद

Jeffrey Epstein Secret Files Controversy: अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी किए गए हजारों पन्नों के नए दस्तावेजों ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इन फाइलों में कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ जुड़े उन लोगों के नाम और घटनाओं का विवरण है, जो लंबे समय से दबे हुए थे। हालांकि (Global Political Scandal) के इस केंद्र में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम बार-बार सामने आया है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप पर फिलहाल कोई नया आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। इन सामग्रियों में फ्लाइट रिकॉर्ड और ईमेल जैसे संवेदनशील सबूत शामिल हैं जो पुराने रिश्तों की परतें खोल रहे हैं।

Jeffrey Epstein Secret Files Controversy
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निजी विमान की उड़ानों का चौंकाने वाला सच

ताजा दस्तावेजों के अनुसार, ट्रंप और एपस्टीन के बीच के संबंध उतने सीमित नहीं थे जितने कि पहले बताए गए थे। एक संघीय अभियोजक के ईमेल से खुलासा हुआ है कि ट्रंप ने 1993 से 1996 के बीच (Private Jet Flight Logs) में कम से कम आठ बार एपस्टीन के विमान का उपयोग किया था। यह संख्या पहले की रिपोर्टों से काफी अधिक है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से कई उड़ानों में घिस्लीन मैक्सवेल भी मौजूद थीं, जिन्हें बाद में सेक्स ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर अपराधों के लिए दोषी करार दिया गया था।

उड़ानों में संदिग्ध मौजूदगी और गवाहों के दावे

इन फाइलों में दर्ज विवरणों ने ट्रंप के उन पुराने दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे कभी एपस्टीन के विमान में नहीं बैठे। रिकॉर्ड बताते हैं कि 1993 की एक उड़ान में केवल एपस्टीन, ट्रंप और एक बीस वर्षीय युवती सवार थे। इसके अतिरिक्त, (Sensitive Legal Testimony) से जुड़े कुछ अन्य दस्तावेजों में उन महिलाओं का जिक्र है जो बाद में मैक्सवेल मामले में संभावित गवाह बनीं। हालांकि ये रिकॉर्ड किसी सीधे अपराध की पुष्टि नहीं करते, लेकिन ये उस समय के सामाजिक और व्यक्तिगत तालमेल को जरूर उजागर करते हैं।

बलात्कार के सनसनीखेज आरोपों की सच्चाई

अक्टूबर 2020 की एक एफबीआई फाइल में एक लिमोजीन ड्राइवर का बयान दर्ज है, जो काफी परेशान करने वाला है। ड्राइवर ने दावा किया है कि एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप और एपस्टीन किसी युवती के दुरुपयोग के बारे में बात कर रहे थे। इसी फाइल में एक (Victim Allegation Report) भी शामिल है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति ने आरोप लगाया कि ट्रंप और एपस्टीन ने मिलकर किसी आलीशान होटल में उसका बलात्कार किया। हालांकि, न्याय विभाग ने इन दावों को चुनाव से पहले की राजनीतिक साजिश और सनसनीखेज करार देते हुए इनकी सत्यता पर सवाल उठाए हैं।

जेल से लिखा गया वह रहस्यमयी खत

दस्तावेजों में एपस्टीन द्वारा अगस्त 2019 में जेल से लिखा गया एक हस्तलिखित पत्र भी बरामद हुआ है। यह पत्र यौन शोषण के दोषी लैरी नैसर को संबोधित था, जिसमें एपस्टीन ने कथित तौर पर लिखा था कि राष्ट्रपति भी उनकी तरह युवा लड़कियों के प्रति विशेष आकर्षण रखते हैं। यह (Handwriting Evidence Analysis) का विषय बना रहा क्योंकि इसमें ट्रंप के पुराने विवादित बयानों की झलक मिलती है। हालांकि एफबीआई ने इस लिखावट की जांच की थी, लेकिन इसके परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए, जिससे यह सबूत अब भी संदेह के घेरे में है।

चुनाव पूर्व दावों की कानूनी समीक्षा

न्याय विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि कई फाइलें ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत जारी की जा रही हैं ताकि जनता को सच पता चल सके। इसमें उन सूचनाओं को भी शामिल किया गया है जो (Investigative Transparency Law) के कारण अब बाहर आ रही हैं। विभाग का कहना है कि 2020 के चुनावों से ठीक पहले एफबीआई को सौंपी गई कई जानकारियां असत्य और केवल माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से दी गई थीं। ट्रंप की टीम लगातार इन आरोपों को खारिज करती रही है और इसे एक राजनीतिक हमला मानती है।

ट्रंप और एपस्टीन के बीच दूरी का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार यह कहा है कि उन्होंने साल 2000 के आसपास ही एपस्टीन से अपने सभी संपर्क पूरी तरह तोड़ लिए थे। उन्होंने हमेशा खुद को एपस्टीन के काले कारनामों से दूर बताया है। लेकिन (Presidential Integrity Challenges) के इस दौर में नए दस्तावेजों का आना उनकी छवि के लिए एक चुनौती बना हुआ है। फाइल्स में यह स्पष्ट नहीं है कि संपर्क टूटने के बाद भी क्या किसी प्रकार की बातचीत जारी रही, लेकिन पुराने रिकॉर्ड्स ने एक बार फिर पुरानी यादें ताजा कर दी हैं।

भविष्य की कानूनी राह और सार्वजनिक धारणा

इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी राजनीति में नैतिकता और कानून के बीच की बहस तेज हो गई है। यद्यपि किसी भी (Criminal Misconduct Inquiry) की दिशा में फिलहाल कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन इन फाइलों में मौजूद सूचनाएं भविष्य में नई जांच का आधार बन सकती हैं। जनता और कानूनविदों के बीच यह सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या इन दस्तावेजों में छिपे कुछ और राज आने वाले समय में सामने आएंगे या यह मामला केवल पुरानी फाइलों तक ही सीमित रहेगा

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