Smriti Mandhana World Record 2025: स्मृति मंधाना के बल्ले से उगली आग, श्रीलंका के खिलाफ तोड़ा अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड
Smriti Mandhana World Record 2025: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनिंग बैटर स्मृति मंधाना इन दिनों अपने करियर के उस सुनहरे दौर में हैं, जहां उनका बल्ला हर मैच में इतिहास लिख रहा है। चाहे टेस्ट मैच की चुनौती हो, वनडे की क्लास या टी20 की आक्रामकता, मंधाना की फॉर्म (Cricket Career Red Hot Form) का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। रविवार, 29 दिसंबर को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में उन्होंने एक ऐसी पारी खेली, जिसने न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि रिकॉर्ड्स बुक के पन्ने भी पलट दिए। मंधाना की बल्लेबाजी में जो ठहराव और पावर हिटिंग का मेल दिख रहा है, उसने उन्हें मौजूदा दौर की सबसे खतरनाक बल्लेबाज बना दिया है।

10 हजार रनों का जादुई आंकड़ा और नया इतिहास
इस मुकाबले के दौरान स्मृति मंधाना ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो किसी भी क्रिकेटर के लिए एक बड़ा सपना होता है। वे महिला क्रिकेट के इतिहास में (Fastest 10000 Runs in Women Cricket) बनाने वाली दुनिया की पहली बल्लेबाज बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि निरंतरता और कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। मंधाना ने श्रीलंका के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों ओर शॉट्स खेले और अपनी शानदार 80 रनों की पारी के साथ इस शिखर को छुआ। उनकी इस उपलब्धि पर क्रिकेट जगत के दिग्गजों ने उन्हें बधाई दी है।
अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर रचा नया कीर्तिमान
स्मृति मंधाना ने इस मैच के दौरान किसी और का नहीं, बल्कि अपना ही एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। यह रिकॉर्ड है एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने का। 2024 में उन्होंने (Most Runs in Calendar Year) का कीर्तिमान 1659 रनों के साथ स्थापित किया था। लेकिन 2025 का साल खत्म होने से पहले ही उन्होंने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 80 रनों की पारी के बाद अब उनके नाम इस साल कुल 1703 रन दर्ज हो गए हैं। अभी साल का एक और मैच बाकी है, जिसका मतलब है कि यह रिकॉर्ड और भी विशाल होने वाला है।
शेफाली वर्मा के साथ तूफानी साझेदारी
मैच की शुरुआत भारत के लिए किसी सपने जैसी रही, जहां स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने श्रीलंकाई आक्रमण को तहस-नहस कर दिया। दोनों ने मिलकर (Record Opening Partnership WT20I) करते हुए 15.2 ओवर में 162 रन बोर्ड पर टांग दिए। शेफाली ने जहां अपनी आक्रामकता दिखाई, वहीं मंधाना ने क्लास और पावर का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इन दोनों की जुगलबंदी ने वर्ल्ड क्रिकेट को हिलाकर रख दिया है। यह पहली बार है जब भारतीय सलामी जोड़ी ने इस तरह का दबदबा दिखाया है कि विपक्षी कप्तान के पास फील्डिंग सजाने का कोई रास्ता नहीं बचा था।
ऋचा घोष की आतिशी पारी और बड़ा स्कोर
सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आईं ऋचा घोष ने श्रीलंका की रही-सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ऋचा ने महज (Explosive Batting in T20) का प्रदर्शन करते हुए 16 गेंदों पर 40 रनों की धुआंधार पारी खेली। उनकी इस पारी में छक्कों की बौछार देखकर श्रीलंकाई खेमा पूरी तरह बैकफुट पर चला गया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी अंत में 16 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का श्रीलंका का फैसला उनके लिए सबसे बड़ी भूल साबित हुआ।
श्रीलंका की संघर्षपूर्ण लेकिन असफल कोशिश
222 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करना श्रीलंका के लिए माउंट एवरेस्ट चढ़ने जैसा था। श्रीलंकाई कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने (Captain’s Innings in Pressure) खेलते हुए 52 रनों की सर्वाधिक पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें वैसा सहयोग नहीं मिला। श्रीलंकाई टीम ने अंत तक लड़ने का जज्बा दिखाया और निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 191 रन बनाए। हालांकि वे मैच हार गए, लेकिन उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को कड़ी टक्कर दी। भारत ने इस जीत के साथ सीरीज में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है।
2025: स्मृति मंधाना के नाम रहा यह साल
अगर साल 2025 का विश्लेषण किया जाए, तो यह पूरी तरह से स्मृति मंधाना के नाम रहा है। उनके बल्ले से निकले (Milestone Runs in 2025) यह बताते हैं कि वे अपनी तकनीक और फिटनेस पर कितना काम कर रही हैं। 1700 से ज्यादा रन एक साल में बनाना किसी भी फॉर्मेट के बल्लेबाज के लिए बहुत बड़ी बात है। भारतीय टीम प्रबंधन और कोच मंधाना की इस फॉर्म से बेहद खुश हैं, क्योंकि आने वाले समय में भारत को कई बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना है, जहां मंधाना की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।
महिला टी20 क्रिकेट का नया दौर
भारत और श्रीलंका के बीच हुए इस मैच ने महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को एक नई ऊंचाई दी है। मैच में (Highest Totals in WT20I) के रिकॉर्ड्स बने और कुल 412 रन बने, जो यह दर्शाता है कि अब महिला क्रिकेट में भी बड़े स्कोर बनाना आम बात हो गई है। खास बात यह रही कि इस मैच में कोई शतक नहीं लगा, फिर भी रनों का अंबार लग गया। स्मृति मंधाना जैसे खिलाड़ी इस खेल को नए प्रशंसकों तक पहुंचा रहे हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।