West Bengal Governor Death Threat: खौफ के साये में राजभवन, राज्यपाल को मिली जान से मारने की धमकी से थर्राया बंगाल
West Bengal Governor Death Threat: पश्चिम बंगाल की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गुरुवार की देर रात राज्यपाल सीवी आनंद बोस को एक अज्ञात ईमेल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली। इस धमकी भरे संदेश ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इसमें राज्यपाल को (High Profile Security Risk) के तहत सीधे तौर पर बम से उड़ाने की बात कही गई है। लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह ईमेल बेहद आक्रामक भाषा में लिखा गया था, जिसके बाद राजभवन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बिछाया गया जाल
हैरानी की बात यह है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने ईमेल में अपना मोबाइल नंबर भी साझा किया है, जिसे पुलिस एक बड़ी लीड मान रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए (Cyber Crime Investigation) की टीम सक्रिय हो गई है और राज्य के डीजीपी को तुरंत आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है, जो बंगाल की शांति व्यवस्था को भंग करना चाहती है।
सुरक्षा का अभेद्य किला और जेड-प्लस कवर
राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पहले से ही जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन इस घटना के बाद उनके चारों ओर सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है। अब उनकी सुरक्षा में (Central Reserve Police Force) के लगभग 60 से 70 जवानों को तैनात किया गया है। राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल आपसी तालमेल के साथ राजभवन की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है।
राजनीतिक गलियारों में शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना ने बंगाल की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर से सवालिया निशान लगा दिए हैं और विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का मौका दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने (West Bengal Law and Order) की स्थिति को पूरी तरह से ध्वस्त करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब राज्य का प्रथम नागरिक ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा। इस धमकी भरे ईमेल ने राज्य सरकार और राजभवन के बीच पहले से मौजूद तनावपूर्ण रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
अमित मालवीय का ममता सरकार पर तीखा प्रहार
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरे में लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममता बनर्जी के शासन में बंगाल (Political Violence News) का केंद्र बन चुका है। मालवीय ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाली मुख्यमंत्री जांच एजेंसियों से फाइलें छीनने और निजी हितों की रक्षा करने में व्यस्त हैं, जबकि राज्य के संवैधानिक प्रमुख को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
केंद्र की पैनी नजर और आगामी कार्रवाई
राजभवन को मिली इस धमकी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले को अपने संज्ञान में ले लिया है और सुरक्षा एजेंसियों से लगातार इनपुट मांग रहा है। (National Security Concerns) को देखते हुए दिल्ली से भी सुरक्षा विशेषज्ञों की एक टीम स्थिति का जायजा ले सकती है। बंगाल में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को मिलने वाली ऐसी धमकियां राज्य में प्रशासनिक स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही हैं, जिसका समाधान निकालना पुलिस के लिए प्राथमिकता बन गया है।