अंतर्राष्ट्रीय

China Population Crisis 2026: ड्रैगन की कमर तोड़ रही है घटती आबादी, अब बूढ़ा होने की कगार पर पड़ोसी देश

China Population Crisis 2026: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इन दिनों एक ऐसे संकट में घिर गया है जिसका समाधान मिसाइलों या पैसों से संभव नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन की जनसंख्या में लगातार चौथे साल बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति ड्रैगन के लिए (China Declining Birth Rate) के रूप में एक बड़ी मुसीबत बनकर उभरी है, क्योंकि 2025 में जन्म दर एक दशक पहले की तुलना में लगभग एक करोड़ कम हो गई है। दशकों तक ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ के जरिए आबादी को नियंत्रित करने वाला चीन अब अपने ही बुने जाल में फंसता नजर आ रहा है।

China Population Crisis 2026
China Population Crisis 2026
WhatsApp Group Join Now

1949 के बाद सबसे निचले स्तर पर जन्म दर

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने सोमवार को जो आंकड़े जारी किए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। साल 2025 में चीन में केवल 79.2 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जो 2024 के 95.4 लाख की तुलना में 17 प्रतिशत कम है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भी पुष्टि करती है कि (Historical Low Births in China) का यह स्तर साल 1949 के बाद से अब तक का सबसे न्यूनतम रिकॉर्ड है। 1949 वही साल है जब चीन ने अपनी आबादी का आधिकारिक रिकॉर्ड रखना शुरू किया था, और आज वह अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

अकाल के बाद की सबसे तेज वार्षिक गिरावट

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कुल जनसंख्या 2025 में 33.9 लाख घटकर 1.4049 अरब रह गई है। यह गिरावट (Annual Population Decrease) के मामले में 1959-1961 के उस भीषण अकाल के बाद सबसे बड़ी है जिसने चीन को हिलाकर रख दिया था। वहीं दूसरी ओर, पिछले साल चीन में करीब 1.13 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई, जो पिछले पांच दशकों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह असंतुलन चीन के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को अस्थिर करने की ताकत रखता है।

चीन पर बढ़ता बुजुर्गों की आबादी का बोझ

आबादी घटने के साथ-साथ चीन एक और गंभीर समस्या से जूझ रहा है, और वह है तेजी से बूढ़ी होती वर्कफोर्स। आंकड़ों की मानें तो 2024 के अंत तक चीन में (Aging Population Problem) इतनी बढ़ गई है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 31 करोड़ के पार पहुंच गई है। अनुमान है कि 2035 तक यह आंकड़ा 40 करोड़ को पार कर जाएगा। युवाओं की कमी और बुजुर्गों की बढ़ती संख्या के कारण चीन की पेंशन प्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं पर अभूतपूर्व दबाव पड़ने वाला है।

वन चाइल्ड पॉलिसी का आत्मघाती परिणाम

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के इस जनसांख्यिकीय संकट की जड़ें कम्युनिस्ट पार्टी की दशकों पुरानी ‘एक-संतान नीति’ में छिपी हैं। हालांकि सरकार ने 2016 में (Two Child Policy Shift) को लागू किया और बाद में 2021 में तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति भी दी, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ। लालन-पालन के बढ़ते खर्च और बदलती जीवनशैली के कारण अब चीनी दंपति अधिक बच्चे पैदा करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे सरकार की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

शादियों से युवाओं का बढ़ता मोहभंग

चीन में सिर्फ जन्म दर ही नहीं गिर रही, बल्कि युवाओं का विवाह के प्रति रुझान भी कम हो रहा है। चीनी जनसंख्या संघ के उपाध्यक्ष युआन शिन के अनुसार, 2024 में शादियों के पंजीकरण में (Record Low Marriage Rate) दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में शादियों में 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1980 के बाद का सबसे निचला स्तर है। जब शादियां ही कम हो रही हैं, तो जन्म दर को ऊपर ले जाने की सरकार की कोशिशें पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं।

कंडोम पर टैक्स और सरकारी सब्सिडी भी नाकाम

ड्रैगन अब हर हाल में अपनी आबादी बढ़ाना चाहता है, जिसके लिए वह विचित्र से लेकर भारी-भरकम वित्तीय उपाय तक अपना रहा है। सरकार (National Childcare Subsidy Scheme) के तहत हर बच्चे पर सालाना 1,534 डॉलर की सहायता दे रही है। इतना ही नहीं, बीजिंग ने गर्भनिरोधक साधनों जैसे कंडोम पर टैक्स तक बढ़ा दिया है ताकि लोग परिवार बढ़ाने के लिए मजबूर हों। हालांकि, ये सभी प्रशासनिक और वित्तीय हथकंडे अब तक चीनी युवाओं की मानसिकता बदलने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.