Accident – कैमूर में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, चाचा की मौत
Accident – बिहार के कैमूर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां शादी की तैयारियों के बीच एक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। घर में बारात निकलने की तैयारी चल रही थी, महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं और दूल्हे को तैयार किया जा रहा था। तभी एक फोन कॉल ने पूरे माहौल को मातम में बदल दिया। दूल्हे के चाचा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद बारात की जगह घर से अर्थी निकली।

यह घटना बेलांव थाना क्षेत्र के ब्लॉक मोड़ के पास हुई। तेज आंधी और बारिश के दौरान एक अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे खड़े दो लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया।
शादी की तैयारी के बीच हुआ हादसा
मृतक की पहचान 30 वर्षीय लक्ष्मण कुमार के रूप में हुई है, जो बेलांव थाना क्षेत्र के खजुरा टोला सरैयां गांव के निवासी थे। घायल युवक लालबाबू कुमार सोनहन थाना क्षेत्र के भिखमपुरा गांव का रहने वाला बताया गया है।
परिजनों के अनुसार, लक्ष्मण अपने भतीजे की शादी की तैयारियों में जुटे थे। बारात मोहनियां थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव जाने वाली थी। दूल्हे की रस्मों के लिए जरूरी सामान खरीदने के उद्देश्य से लक्ष्मण और लालबाबू बाजार गए थे।
आंधी-बारिश के बीच सड़क किनारे रुके थे दोनों
परिवार के लोगों ने बताया कि बाजार से लौटते समय अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। मौसम खराब होने के कारण दोनों ने अपनी बाइक सड़क किनारे रोक दी और पास में खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करने लगे।
इसी दौरान तेज रफ्तार से आए एक अज्ञात वाहन ने दोनों को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। हादसे में लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि लालबाबू को भी चोटें आईं।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को इलाज के लिए रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से लक्ष्मण की हालत गंभीर होने पर उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल लालबाबू का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया गया।
घर में थम गईं शादी की रस्में
जिस घर में कुछ देर पहले शादी का उत्साह था, वहां अचानक सन्नाटा छा गया। दरवाजे पर बज रहा बैंड बंद हो गया और बारात के लिए सजाई गई गाड़ियां वापस लौट गईं।
परिजन और रिश्तेदार नए कपड़े बदलकर अस्पताल की ओर रवाना हो गए। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोगों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में खुशी का माहौल गहरे दुख में बदल गया।
पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
लक्ष्मण कुमार की मौत की खबर सुनते ही उनकी पत्नी सुनीता देवी बेसुध हो गईं। आसपास की महिलाएं उन्हें संभालती रहीं। बताया गया कि वह आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका के रूप में काम करती हैं।
मृतक अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
गांव में पसरा मातम
देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद आसपास के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।