BharatTiwari – एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने लिया बड़ा प्रशासनिक फैसला
BharatTiwari– बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। सरकार ने जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजीत कुमार को उनके पद से हटाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में योगदान देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही तत्कालीन अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजेश शर्मा को भी पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। यह निर्णय उस दिन सामने आया, जब भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मामले में अपनी मांगें रखीं।

मुख्यमंत्री से मिले परिजन, न्याय का मिला आश्वासन
शुक्रवार को भरत तिवारी की मां आशा देवी और परिवार के अन्य सदस्य मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुलाकात के दौरान उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। इसी बैठक के कुछ समय बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने एसडीओ को पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
प्रशासनिक भूमिका को लेकर उठे थे सवाल
परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दे लगातार उठा रहे थे। उनका कहना है कि इस संबंध में प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि एक अवसर पर एसडीओ कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार की घटना हुई थी। इन आरोपों को लेकर परिजन लंबे समय से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एनकाउंटर के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
पुलिस के अनुसार, भरत तिवारी और प्रशासन के बीच पहले से विवाद चल रहा था। अधिकारियों का कहना था कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और धमकी के बाद पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में 17 जून को भरत तिवारी की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया, जिसकी जांच जारी है।
तत्कालीन एसडीपीओ को भी हटाया गया
एनकाउंटर के समय जगदीशपुर के एसडीपीओ रहे राजेश शर्मा को भी उनके वर्तमान दायित्व से हटाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में भेज दिया गया है। इससे पहले उन्हें पुलिस मुख्यालय से मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में तैनाती दी गई थी। इस नियुक्ति पर परिजनों ने आपत्ति जताई थी और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई थी।
जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
सरकारी स्तर पर हुई इन प्रशासनिक कार्रवाइयों के बाद अब पूरे मामले की जांच पर सभी की नजर है। प्रशासन की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट किया गया है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।