Bihar Gangrape Case: बिहार के मधेपुरा में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Bihar Gangrape Case: बिहार के मधेपुरा जिले से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाती एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग छात्रा के साथ पांच युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला उजागर हुआ है। पीड़िता रविवार की शाम को एक स्थानीय धार्मिक स्थल के पास अत्यंत गंभीर और अचेत अवस्था में पाई गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और पीड़िता के बयान के आधार पर पांच नामजद अभियुक्तों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मंदिर परिसर के पास अचेत अवस्था में मिली पीड़िता
स्थानीय नागरिकों को रविवार की देर शाम एक मंदिर परिसर के समीप किशोरी बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़ी मिली थी। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। लगभग दो दिनों तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद बुधवार को जब छात्रा को होश आया, तब उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी की पूरी कहानी पुलिस को बताई।
शादी का झांसा देकर बुलाने और विश्वासघात का आरोप
होश आने के बाद दिए गए अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपी ने उसे विवाह का प्रलोभन देकर मिलने के लिए बुलाया था। छात्रा का आरोप है कि मुख्य आरोपी रौशन कुमार ने पहले उसे प्रेम जाल में फंसाया और फिर मोबाइल पर बातचीत कर उसे मिलने के लिए राजी किया। जब वह बताए गए स्थान पर पहुंची, तो वहां रौशन के चार अन्य दोस्त पहले से ही मौजूद थे। इन सभी पांचों युवकों ने मिलकर नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया और उसे मरणासन्न स्थिति में छोड़कर फरार हो गए।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार और अन्य अभियुक्तों की तलाश तेज
मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी रौशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। रौशन कुमार मूल रूप से शंकरपुर के बसंतपुर का निवासी है और वर्तमान में मधेपुरा के वार्ड नंबर तीन में रहता था। पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि फरार चल रहे अन्य चार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। एएसपी प्रवेन्द्र भारती इस मामले की जांच की स्वयं निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और घटना स्थल पर उठते सवाल
यह घटना सिंहेश्वर मंदिर क्षेत्र में हुई है, जहां हर रविवार को गंगा महाआरती का भव्य आयोजन किया जाता है और वहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद रहती है। ऐसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थान के पास इतनी बड़ी वारदात होना पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि भारी भीड़ के बीच आरोपी छात्रा को मंदिर परिसर तक लाने और वारदात को अंजाम देने में कैसे सफल रहे। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त है और लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
महिला थाने में दर्ज हुआ मामला और कानूनी प्रक्रिया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केस को महिला थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां पीड़िता की काउंसलिंग और साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को सजा दिलाने का प्रयास करेंगे ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। पीड़िता का स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर बताया जा रहा है, लेकिन वह मानसिक रूप से काफी सदमे में है। प्रशासन ने पीड़िता को हर संभव कानूनी और चिकित्सीय सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया है।



