Business Regulation – बिहार में छोटे दुकानदारों को निबंधन नियमों से मिली राहत
Business Regulation – बिहार सरकार ने छोटे व्यापारियों और दुकान संचालकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव लागू किया है। नए प्रावधानों के तहत अब ऐसे दुकान और प्रतिष्ठान, जहां 10 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें निबंधन कराने की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया गया है। राज्य सरकार ने बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान से जुड़े पुराने कानून को समाप्त करते हुए नई व्यवस्था लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह कदम व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उद्यमियों पर प्रशासनिक बोझ कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था केंद्र के श्रम सुधार ढांचे के अनुरूप तैयार की गई है।
अब 10 या अधिक कर्मचारियों पर होगा निबंधन
नई व्यवस्था के तहत केवल उन दुकान और प्रतिष्ठानों को निबंधन कराना होगा, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यह नियम शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों पर भी समान रूप से लागू होगा। इससे पहले कम संख्या में कर्मचारी रखने वाले छोटे व्यापारियों को भी पंजीकरण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पुराने नियमों में कई छोटे व्यवसायों को एक ही प्रकार की गतिविधियों के लिए अलग-अलग औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ता था। इससे समय और संसाधनों दोनों की अतिरिक्त खपत होती थी। नई व्यवस्था से इन जटिलताओं में कमी आने की उम्मीद है।
श्रम कानूनों के अनुरूप किया गया बदलाव
अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने 28 मई को अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की थी, जिसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी की गई। सरकार का मानना है कि केंद्र द्वारा लागू किए गए श्रम सुधारों और नई श्रम संहिताओं के मद्देनजर पुराने कानून का अस्तित्व व्यावहारिक नहीं रह गया था।
प्रशासनिक स्तर पर यह भी माना गया कि एक ही विषय से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों के समानांतर संचालन से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। ऐसे में नियमों को सरल और एकरूप बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया।
निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में उद्योग, निवेश और व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि लाइसेंस, अनुमतियों और निरीक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें आसान और पारदर्शी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उद्यमियों और नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन की भूमिका लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने वाली होनी चाहिए, न कि अनावश्यक प्रक्रियाओं को बढ़ाने वाली।
डिजिटल सेवाओं को मिलेगा और बल
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागों को डिजिटल माध्यमों के उपयोग को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाइन अनुमोदन, स्व-प्रमाणन और समयबद्ध सेवा वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
सरकार चाहती है कि एक ही जानकारी को अलग-अलग स्तरों पर बार-बार जमा कराने की आवश्यकता समाप्त हो। इससे न केवल कारोबारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक कुशल बन सकेगी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन सुधारों से बिहार में निवेश का माहौल बेहतर होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।