Corruption – गया में बैंक मैनेजर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Corruption – बिहार के गया जिले में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक बैंक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भारतीय स्टेट बैंक की पत्थरकट्टी शाखा में तैनात क्षेत्रीय प्रबंधक रवि रंजन कुमार को 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि वह लोन पास करने के बदले पैसे मांग रहा था। इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।

लोन पास कराने के बदले मांगी गई रकम
जानकारी के अनुसार, एक आवेदक ने बैंक से मुद्रा योजना के तहत करीब 10 लाख रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बैंक अधिकारी ने कमीशन की मांग की। बताया जा रहा है कि कुल 95 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। लगातार दबाव बनाए जाने से परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत जांच एजेंसी से की।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई। तय योजना के तहत जैसे ही आवेदक ने पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद टीम ने मौके पर ही अधिकारी को पकड़ लिया। इस दौरान बैंक परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गिरफ्तारी के बाद गहन जांच शुरू
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया है। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि कहीं इस तरह के और मामले तो नहीं हुए हैं। बैंक के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, खासकर उन लोन मामलों की, जिन्हें हाल के समय में स्वीकृति दी गई थी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया।
संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल
अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं गलत दस्तावेजों के आधार पर लोन स्वीकृत तो नहीं किए गए। जरूरत पड़ने पर संबंधित ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसी बीच लूट की घटना की जांच तेज
इधर, जिले में एक अन्य मामले में बैंक से जुड़े लूटकांड की जांच भी जारी है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, घटना से जुड़े कुछ वीडियो सामने आने से जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की बात भी कही जा रही है।
पुलिस और एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई
जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और अलग-अलग मामलों में समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जल्द ही इन मामलों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
लोगों में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि बैंकिंग और वित्तीय प्रक्रियाओं में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। आम लोगों को भी किसी तरह की अनियमितता दिखने पर संबंधित एजेंसियों को सूचना देने की सलाह दी जा रही है, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।



