EducationJobs – बिहार में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक में 1239 पदों पर होगी भर्ती
EducationJobs – बिहार में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कुल 1239 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए की गई। सरकार का मानना है कि इससे न केवल संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।

इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक में पदों का ब्योरा
सरकारी योजना के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों में 966 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि पॉलिटेक्निक संस्थानों में 273 पद भरे जाएंगे। इन नियुक्तियों के लिए प्रस्ताव बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, चयन प्रक्रिया पूरी होते ही योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्त किया जाएगा, ताकि संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
पहले से जारी हैं अन्य नियुक्ति प्रक्रियाएं
इससे पहले भी तकनीकी संस्थानों में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने 723 अनुदेशकों और 1093 प्रयोगशाला सहायकों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। सरकार का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार आगे भी नियुक्तियां की जाती रहेंगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे को मजबूत किया जा सके।
राज्य में ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए राज्य में ही उच्च गुणवत्ता वाले संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में काम कर रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल रहे हैं।
विकास योजनाओं में विभाग की भूमिका
सरकार के अनुसार, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘सात निश्चय’ जैसी योजनाओं के तहत तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर रोक का फैसला
इसी बीच, राज्य सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से जुड़ा एक अहम निर्णय भी लिया है। 13 शिक्षण संस्थानों के नए आवेदनों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह कदम कुछ संस्थानों के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिसमें सीट आवंटन और नामांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे।
जांच के बाद लिया गया निर्णय
नोडल अधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ संस्थानों द्वारा निर्धारित सीटों से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए थे और स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला। इसके चलते नए आवेदनों पर भुगतान रोकने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में कदम
सरकार के इन फैसलों को तकनीकी शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। जहां एक ओर नए शिक्षकों की भर्ती से संस्थानों में पढ़ाई का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं।