LiquorMafia – बिहार में तेज हुई 127 शराब तस्करों की संपत्ति जब्ती की तैयारी
LiquorMafia – बिहार में लागू शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार अब अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने ऐसे 127 लोगों की पहचान की है, जिन पर शराब के अवैध कारोबार के जरिए संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इन मामलों में संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित न्यायालयों को प्रस्ताव भेजे गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जा रही है जिनकी संपत्तियों को कथित तौर पर शराब तस्करी और अवैध व्यापार से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि आर्थिक कार्रवाई के जरिए ऐसे नेटवर्क पर अधिक प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकता है।
न्यायालय को भेजे गए प्रस्ताव
मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने बताया कि चिन्हित व्यक्तियों की संपत्तियों के संबंध में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत न्यायालय से कार्रवाई की अनुमति मांगी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति जब्ती जैसे कदमों का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध कारोबार से होने वाले आर्थिक लाभ को भी रोकना है। इससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शराब बरामदगी में दर्ज हुई बढ़ोतरी
ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में राज्यभर में शराब बरामदगी के आंकड़ों में वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न जिलों की पुलिस ने हर महीने औसतन बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
मद्य निषेध विभाग का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियान और निगरानी व्यवस्था के कारण अवैध शराब की खेपों को पकड़ने में सफलता मिली है। इसके अलावा स्पिरिट की बरामदगी के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
कई राज्यों में चलाए गए अभियान
विभाग के मुताबिक, वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में शराब तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए। इनमें पड़ोसी राज्यों में भी कार्रवाई की गई, जहां से बिहार में अवैध शराब की आपूर्ति होने की आशंका रहती है।
इन अभियानों के दौरान बड़ी मात्रा में शराब और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि राज्य की सीमाओं पर निगरानी मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराज्यीय नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है।
हजारों लोगों पर हुई कार्रवाई
मद्य निषेध विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक शराबबंदी कानून के तहत बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अवैध कारोबार से जुड़े आरोपितों के साथ-साथ शराब सेवन के मामलों में पकड़े गए व्यक्ति भी शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाकर तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की जा रही है।
नष्ट की गई जब्त शराब
विभाग ने यह भी जानकारी दी कि पिछले कई वर्षों में जब्त की गई शराब का बड़ा हिस्सा नियमानुसार नष्ट किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री के सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है ताकि उसका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।
सरकार का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रवर्तन एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। आने वाले समय में अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर और सख्त कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।