MonsoonUpdate – बिहार में तय समय पर मानसून के पहुंचने के मिले संकेत
MonsoonUpdate – बिहार में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी जानकारी दी है। विभाग के अनुसार राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के निर्धारित समय के आसपास पहुंचने की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 13 से 15 जून के बीच मानसून बिहार में दस्तक दे सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूर्वोत्तर भारत और उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है। वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और अगले कुछ दिनों में इसके बिहार की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। सामान्य तौर पर मानसून सबसे पहले सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया और किशनगंज जिलों में प्रवेश करता है और इसके बाद राज्य के अन्य हिस्सों में फैलता है।
पूर्वोत्तर और उत्तर बंगाल में बढ़ी मानसूनी गतिविधियां
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून ने सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों को भी कवर कर लिया है। केरल में इस बार मानसून सामान्य समय से कुछ दिन बाद पहुंचा था, लेकिन उसके बाद इसकी प्रगति अपेक्षाकृत तेज रही। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यही गति बनी रही तो बिहार में भी मानसून समय पर पहुंच सकता है।
उत्तर बंगाल के कई जिलों में आगामी दिनों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इन मौसमी गतिविधियों को बिहार में मानसून की एंट्री के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
समय पर आगमन के बावजूद बारिश कम रहने का अनुमान
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के समय पर पहुंचने की संभावना तो है, लेकिन पूरे मौसम के दौरान वर्षा सामान्य से कम रह सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमानों के मुताबिक जून से सितंबर के बीच राज्य में औसत से कम बारिश दर्ज होने की आशंका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से वर्षा के आंकड़ों में गिरावट देखी जा रही है। वर्ष 2021 को छोड़ दें तो उसके बाद कई मौसम चक्रों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वैश्विक जलवायु परिस्थितियां और समुद्री तापमान में बदलाव वर्षा की मात्रा को प्रभावित कर सकते हैं।
अल-नीनो का असर बढ़ा सकता है चुनौती
मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि इस वर्ष अल-नीनो जैसी परिस्थितियों के विकसित होने की संभावना बनी हुई है। आमतौर पर ऐसी स्थिति मानसूनी वर्षा को प्रभावित करती है और कई क्षेत्रों में बारिश की मात्रा कम हो सकती है। इसके कारण तापमान और उमस में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि अंतिम स्थिति मानसून की प्रगति और आने वाले सप्ताहों के मौसम पैटर्न पर निर्भर करेगी। विभाग लगातार परिस्थितियों की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर अद्यतन जानकारी जारी कर रहा है।
पटना में बिजली खपत ने बनाया नया रिकॉर्ड
गर्मी और उमस के कारण राजधानी पटना में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। हाल के दिनों में शहर में बिजली खपत इस मौसम के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। देर रात के समय रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई, जिससे बिजली आपूर्ति तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार बढ़ती खपत के चलते कई इलाकों में तकनीकी समस्याएं सामने आईं। कुछ स्थानों पर केबल गर्म होकर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कुछ इलाकों में ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त भार पड़ने की घटनाएं दर्ज की गईं।
कई इलाकों में प्रभावित रही बिजली आपूर्ति
पटना के विभिन्न मोहल्लों में केबल खराब होने और तकनीकी बाधाओं के कारण अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हनुमान नगर, राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, मीठापुर, बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र, दानापुर और अन्य क्षेत्रों में लोगों को बिजली की आवाजाही का सामना करना पड़ा।
बिजली विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी रहीं और आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के प्रयास करती रहीं। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच लोगों को बिजली व्यवस्था पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे खपत में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।