बिहार

Politics – तेजप्रताप यादव का पॉडकास्ट बयान, परिवार से सत्ता तक खुली बातचीत

Politics – लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेजप्रताप यादव एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी पार्टी और परिवार से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की, बल्कि बिहार की राजनीति, केंद्र सरकार के नेतृत्व और हालिया चुनावी परिणामों को लेकर भी स्पष्ट राय रखी। उनके बयान राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे रहे हैं।

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राजद से दूरी और चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया

यूट्यूबर प्रियंका शर्मा के साथ हुई बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के सीमित सीटों पर सिमटने की एक वजह उनका अलग होना भी है या नहीं, तो तेजप्रताप यादव ने बिना किसी लाग-लपेट के जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में मान-सम्मान सबसे अहम होता है। जब किसी को उसका सम्मान नहीं मिलता, तो रास्ते अलग हो जाते हैं। इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक लकीर खींचने की बात कही और संकेत दिया कि यह फैसला आत्मसम्मान से जुड़ा था।

टिकट वितरण और भीतर के मतभेद

चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में पैसे मांगे जाने के आरोपों पर भी तेजप्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो इसके पीछे पार्टी के भीतर मौजूद कुछ लोग जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि ऐसे लोग बाहर नहीं, बल्कि घर के अंदर ही होते हैं। उनका मानना है कि राजनीतिक दल में सलाह देने वाले लोगों का परिपक्व होना बेहद जरूरी है, वरना नुकसान तय होता है।

तेजस्वी यादव के फैसलों पर सवाल

चुनाव हार के बाद तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर भी तेजप्रताप यादव ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि हार के तुरंत बाद पार्टी स्तर पर समीक्षा बैठक होनी चाहिए थी, जैसा उन्होंने खुद किया था। उनके अनुसार, चुनावी हार की मुख्य वजह वही आंतरिक तत्व रहे, जिनका जिक्र वे पहले भी कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े भाई के नाते उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और अब फैसले दूसरों को करने हैं।

परिवार, मां और बहन पर भावुक बातें

पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने परिवार को लेकर भी खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि वे मां राबड़ी देवी से आशीर्वाद लेने उनके घर गए थे और स्पष्ट किया कि भले ही उनका रास्ता अलग हो गया हो, लेकिन मां का आशीर्वाद उनके लिए सर्वोपरि है। बहन रोहिणी आचार्य को लेकर उन्होंने कहा कि आरोपों के बाद उनसे बातचीत हुई थी और बहन भावुक थीं। उन्होंने बहन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पिता के लिए बड़ा त्याग किया है।

‘लालू राज’ पर टिप्पणी

जब उनसे यह कहा गया कि वे एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली साधारण है, तो तेजप्रताप यादव ने कहा कि राजा और प्रजा जैसी कोई अवधारणा अब नहीं बची। उनके शब्दों में, समय बदल चुका है और पुराने दौर की राजनीति अब समाप्त हो चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि सत्ता किसी की स्थायी नहीं होती।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर राय

पॉडकास्ट के दौरान तेजप्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज को पूरे दस में से दस अंक दिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आस्था और परंपराओं के प्रति सम्मान उन्हें प्रभावित करता है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि उनमें कोई बड़ी कमी नहीं है, केवल एक विवादित वीडियो के कारण उनकी छवि पर सवाल उठे।

कुल मिलाकर, यह बातचीत तेजप्रताप यादव के राजनीतिक सोच, पारिवारिक रिश्तों और मौजूदा सत्ता व्यवस्था को देखने के उनके नजरिए को सामने रखती है, जो आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर असर डाल सकती है।

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