SecurityUpdate – लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को Z श्रेणी सुरक्षा देने की तैयारी
SecurityUpdate – बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं को Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। हालांकि, शुक्रवार देर रात तक इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। सरकार की ओर से भी खबर लिखे जाने तक कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई थी। यह फैसला ऐसे समय सामने आया है जब दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है।

पहले बदली गई थी सुरक्षा व्यवस्था
इससे पहले जून माह में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को प्राप्त Z Plus सुरक्षा वापस लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। उस समय दोनों नेताओं ने नई सुरक्षा व्यवस्था स्वीकार नहीं की थी। इस फैसले को लेकर राज्य की राजनीति भी गर्मा गई थी। राष्ट्रीय जनता दल ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया था, जबकि सत्तारूढ़ दलों का कहना था कि सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया था।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी थी राजनीतिक बहस
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद राजद समर्थकों ने लालू परिवार के आवास के बाहर लगातार मौजूद रहकर विरोध दर्ज कराया था। दूसरी ओर भाजपा और जनता दल (यू) ने कहा था कि सुरक्षा का निर्धारण खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। इसी दौरान लालू प्रसाद बिना सुरक्षा घेरे के सार्वजनिक रूप से बाहर भी दिखाई दिए थे, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई थी।
Z श्रेणी सुरक्षा में क्या होती हैं सुविधाएं
जानकारी के अनुसार Z श्रेणी सुरक्षा में प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती रहती है। इस व्यवस्था के तहत लगभग 22 सुरक्षाकर्मी अलग-अलग शिफ्ट में सुरक्षा प्रदान करते हैं। सुरक्षा काफिले में एस्कॉर्ट वाहन भी शामिल होता है और आवश्यकतानुसार विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो भी तैनात किए जाते हैं। सुरक्षा का स्वरूप संबंधित एजेंसियों के मानकों और खतरे के आकलन के अनुसार तय किया जाता है।
परिवार ने आधिकारिक सूचना मिलने का किया इंतजार
लालू परिवार की ओर से कहा गया है कि उन्हें Z श्रेणी सुरक्षा दिए जाने की जानकारी फिलहाल मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से मिली है। परिवार का कहना है कि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पत्र या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में वे सरकार की औपचारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर अंतिम स्थिति सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।