ThreatCase – गिरफ्तार हुआ मंत्री मदन साहनी के बेटे को धमकी देने वाला आरोपी
ThreatCase- बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी के बेटे को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी और रुपये की मांग करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर निवासी कन्हैया साहनी के रूप में हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया।

धमकी भरा संदेश मिलने के बाद दर्ज हुई शिकायत
पुलिस के मुताबिक 24 जुलाई को मंत्री के बेटे के मोबाइल फोन पर एक संदेश भेजा गया था, जिसमें जान से मारने की धमकी देने के साथ रुपये की मांग भी की गई थी। इसके बाद पीड़ित की ओर से पटना साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मंत्री मदन साहनी ने भी मामले की जानकारी पुलिस महानिदेशक (DGP) को दी थी, जिसके बाद जांच में तेजी लाई गई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की पहचान की। इसके बाद मुजफ्फरपुर के मोतीपुर क्षेत्र में छापेमारी कर कन्हैया साहनी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपी ने इसी तरह के धमकी भरे संदेश अन्य लोगों को भी भेजे थे और उनसे भी धन की मांग की थी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की हो रही जांच
जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि उसने किन-किन लोगों को धमकी भेजी, उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या इस मामले में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने यह वारदात अकेले की या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
हाल के दिनों में बिहार के पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता के बेटे को भी मोबाइल पर रंगदारी मांगते हुए धमकी मिलने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि आरोपी ने अन्य व्यक्तियों को भी धमकी भरे संदेश भेजकर धन उगाही का प्रयास किया था। पुलिस दोनों मामलों के बीच संभावित समानताओं की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस नेटवर्क की कर रही पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि धमकी देने के पीछे उसकी मंशा क्या थी और क्या उसके तार किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।