Transport – बिहार में निजी स्कूल वाहनों की ऑनलाइन निगरानी के लिए नया पोर्टल
Transport – बिहार सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रही है। परिवहन विभाग इसी महीने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा, जिसके माध्यम से राज्य के सभी निजी स्कूलों के वाहनों और उनके चालकों का पूरा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। विभाग का उद्देश्य स्कूल परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नियमित निगरानी के दायरे में लाना है।

सभी स्कूलों को कराना होगा अनिवार्य पंजीकरण
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक निजी स्कूल को पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद स्कूल प्रशासन को बच्चों के परिवहन में उपयोग किए जाने वाले सभी वाहनों का विस्तृत विवरण दर्ज करना होगा। इसमें वाहन संख्या, चालक की जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल होंगे। परिवहन विभाग के अनुसार इस प्रक्रिया की निगरानी संबंधित जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करेंगे।
वाहनों की फिटनेस और बीमा पर रहेगी नजर
पोर्टल के माध्यम से केवल वाहनों का रिकॉर्ड ही नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनकी फिटनेस, बीमा और अन्य जरूरी वैधताओं की भी नियमित निगरानी की जाएगी। यदि किसी वाहन की फिटनेस या बीमा की अवधि समाप्त हो जाती है तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को मिल जाएगी। इसके बाद संबंधित स्कूल को आवश्यक कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़े रहेंगे सभी वाहन
परिवहन विभाग स्कूल वाहनों को अपने लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से भी जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी। साथ ही यह भी देखा जा सकेगा कि वाहन निर्धारित गति सीमा का पालन कर रहे हैं या नहीं। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से परिवहन नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा और बच्चों की सुरक्षा को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम पहल
हाल के वर्षों में कई जिलों से जर्जर वाहनों में बच्चों को लाने-ले जाने और परिवहन से जुड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल लागू होने के बाद स्कूल परिवहन व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी और किसी भी अनियमितता पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
आगे अन्य संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा
परिवहन विभाग के अनुसार शुरुआती चरण में यह व्यवस्था निजी स्कूलों के लिए लागू की जाएगी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के वाहनों को भी इसी पोर्टल से जोड़ने की योजना है। विभाग का लक्ष्य राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों के परिवहन तंत्र को एकीकृत डिजिटल निगरानी प्रणाली के अंतर्गत लाना है।
पहले से जारी है सार्वजनिक वाहनों की मॉनिटरिंग
विभाग पहले से ही राज्य की यात्री बसों और टैक्सियों की निगरानी ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर जुर्माना भी लगाया जाता है। वर्तमान में बिहार की 27 हजार से अधिक बसें और लगभग 28 हजार टैक्सियां इस डिजिटल निगरानी प्रणाली से जुड़ी हुई हैं। अब इसी मॉडल को स्कूल परिवहन व्यवस्था में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है।