बिहार

Weather – बिहार में बढ़ेगी गर्मी, कई जिलों में तापमान 40 के करीब

Weather – बिहार में आने वाले कुछ दिनों में गर्मी का असर तेज होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पटना सहित राज्य के कई जिलों में दिन और रात दोनों समय तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक वृद्धि होगी, जबकि न्यूनतम तापमान भी 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का एहसास होगा।

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कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने की आशंका
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पटना समेत सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, कैमूर, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, भागलपुर और मुंगेर जैसे जिलों में तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं, अन्य जिलों में तापमान 32 से 36 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में दोपहर के समय गर्मी अधिक महसूस होने की आशंका है।

तेज हवाएं और साफ मौसम का अनुमान
राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो राज्य में मौसम शुष्क बना रहा। डेहरी (रोहतास) में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि वाल्मीकिनगर में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मानसून को लेकर अभी अनिश्चितता बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में मानसून के आगमन को लेकर फिलहाल कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। आमतौर पर केरल में मानसून एक जून के आसपास पहुंचता है और बिहार में इसका असर 10 से 15 जून के बीच देखने को मिलता है। इस साल मानसून के आगमन को लेकर सटीक पूर्वानुमान मई के मध्य तक जारी किया जाएगा।

सामान्य से कम बारिश की आशंका
दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। जून से सितंबर के बीच औसतन जहां लगभग 870 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहीं इस बार करीब 800 मिलीमीटर बारिश का अनुमान है। इसका संबंध वैश्विक जलवायु परिस्थितियों, खासकर अल नीनो जैसी स्थितियों से जोड़ा जा रहा है।

कृषि और बिजली पर पड़ सकता है असर
बारिश में कमी का सीधा असर कृषि पर पड़ सकता है, क्योंकि राज्य की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। इसके अलावा नदियों और जलाशयों में पानी की कमी से बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। गर्मी बढ़ने के कारण बिजली की मांग में भी इजाफा होने की संभावना है, जिससे ऊर्जा प्रबंधन एक चुनौती बन सकता है।

पूर्वानुमान की संभावनाओं का विश्लेषण
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना अधिक है। जहां सामान्य से कम बारिश (90-95 प्रतिशत) की संभावना लगभग 31 प्रतिशत बताई गई है, वहीं सामान्य (96-104 प्रतिशत) बारिश की संभावना 27 प्रतिशत है। सामान्य से अधिक बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम आंकी गई है। इससे संकेत मिलता है कि इस बार मौसम सामान्य से कुछ अलग रह सकता है।

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