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Aviation Stocks – कच्चे तेल में गिरावट से एयरलाइन और तेल कंपनियों को सहारा

Aviation Stocks –अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक भू-राजनीतिक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज नरमी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच घरेलू निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 1,200 अंकों से अधिक की छलांग लगाई, जबकि कई सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा।

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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाया है। निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं घटेंगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।

एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा फायदा विमानन क्षेत्र की कंपनियों को मिलता है, क्योंकि ईंधन उनकी परिचालन लागत का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसी वजह से एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली।

इंटरग्लोब एविएशन, जो इंडिगो ब्रांड के तहत परिचालन करती है, के शेयर में चार प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं स्पाइसजेट के शेयरों में भी सात प्रतिशत से ज्यादा उछाल देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें मौजूदा स्तरों पर बनी रहती हैं, तो विमानन कंपनियों के लाभ मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।

परिचालन लागत घटने की उम्मीद

विश्लेषकों के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर कच्चे तेल का सीधा प्रभाव पड़ता है। तेल सस्ता होने से एयरलाइंस की लागत में कमी आती है, जिससे कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में स्थिरता आने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और रूट संचालन को लेकर बनी अनिश्चितता भी कम हो सकती है।

बाजार में इसी उम्मीद के चलते विमानन क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों की सक्रियता बढ़ी हुई दिखाई दी।

वैश्विक बाजारों में भी दिखी मजबूती

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय बाजार को समर्थन दिया। जापान का प्रमुख निक्केई सूचकांक उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई।

अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। डॉऊ जोंस, एसएंडपी 500 और नैस्डैक से जुड़े संकेतकों में बढ़त ने निवेशकों के बीच भरोसा मजबूत किया। वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।

तेल विपणन कंपनियों को भी मिला फायदा

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का लाभ सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को भी मिला। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की लागत कम होने से इन कंपनियों के मार्जिन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो इन कंपनियों के लिए परिचालन स्थिति और बेहतर हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिसला कच्चा तेल

ऊर्जा बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि क्षेत्रीय तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के सामान्य संचालन की संभावनाओं से वैश्विक आपूर्ति में सुधार होगा। इसी धारणा के चलते ब्रेंट क्रूड और अन्य प्रमुख तेल बेंचमार्क में तेज गिरावट देखी गई।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं और कम होती हैं, तो तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसका फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जिनकी लागत सीधे ऊर्जा कीमतों से प्रभावित होती है, खासकर विमानन और तेल विपणन क्षेत्र को।

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