Energy – भारत को तेल और गैस आपूर्ति जारी रखेगा रूस
Energy – रूस ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को लेकर भरोसा जताते हुए कहा है कि भविष्य में भी तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हालिया बातचीत में स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध मजबूत हैं और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत के हित सुरक्षित रहेंगे।

एक मीडिया इंटरव्यू में लावरोव ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रूस हमेशा से दोनों देशों के बीच संवाद और स्थिरता का समर्थक रहा है, लेकिन भारत की यह सोच पूरी तरह उचित है कि दोनों देशों के मुद्दे आपसी बातचीत से ही सुलझाए जाने चाहिए। उन्होंने किसी बाहरी मध्यस्थता की आवश्यकता से भी इनकार किया।
भारत के रुख का रूस ने किया समर्थन
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि सोवियत संघ के दौर से ही मॉस्को ने दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन किया है। उनके अनुसार, ब्रिटिश शासन समाप्त होने के बाद क्षेत्र में कई जटिल परिस्थितियां बनीं, जिनसे समय-समय पर मतभेद पैदा हुए। इसके बावजूद रूस ने हमेशा बातचीत और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी।
लावरोव ने कहा कि भारत की यह नीति कि द्विपक्षीय मुद्दों में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं होनी चाहिए, एक व्यावहारिक और संतुलित दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि रूस इस रुख का सम्मान करता है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सही मानता है।
जम्मू-कश्मीर हमले पर जताई संवेदना
बातचीत के दौरान लावरोव ने जम्मू-कश्मीर में हुए हालिया आतंकवादी हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रूस ने हमले की कड़ी निंदा की थी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उन शुरुआती वैश्विक नेताओं में शामिल थे जिन्होंने भारतीय जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की।
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार की त्रासदी या संकट की स्थिति में रूस हमेशा भारतीय लोगों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद जैसी घटनाएं केवल सुरक्षा का नहीं बल्कि मानवीय पीड़ा का भी विषय होती हैं।
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से हुई चर्चा
लावरोव ने बताया कि हाल के तनावपूर्ण हालात के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री से भी बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यह कोशिश करता रहा है कि किसी भी तनाव को संवाद के जरिए कम किया जा सके।
उन्होंने दोहराया कि भारत का स्पष्ट मत है कि उसके और पाकिस्तान के बीच के विषय द्विपक्षीय हैं। रूस ने संकेत दिया कि वह इस नीति को लेकर भारत के साथ खड़ा है और किसी भी अनावश्यक बाहरी हस्तक्षेप का समर्थन नहीं करता।
ऊर्जा आपूर्ति पर भरोसा कायम
रूस और भारत के बीच ऊर्जा व्यापार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, रूस का यह बयान भारत के लिए अहम माना जा रहा है।
लावरोव ने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि दोनों देशों के बीच हुए ऊर्जा समझौतों पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा और दबावों के बावजूद रूस भारत के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता देता रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह संदेश ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति उसकी आर्थिक जरूरतों और औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।