FuelPrice – कच्चे तेल में गिरावट के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल दरें स्थिर
FuelPrice – अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन इसका असर फिलहाल भारत के खुदरा बाजार में दिखाई नहीं दे रहा। ताजा दरों के अनुसार देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। इससे पहले मार्च 2024 में सरकार ने दोनों ईंधनों के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जब कच्चा तेल 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की नरमी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में हाल के दिनों में गिरावट देखी गई है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 1.12 प्रतिशत गिरकर 98.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी लगभग 1.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 93.36 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। आमतौर पर इस तरह की गिरावट का असर विभिन्न देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है, लेकिन भारत में फिलहाल दरें स्थिर रखी गई हैं।
कई देशों में ईंधन की कीमतों में तेज उछाल
दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल के मामले में म्यांमार, फिलीपींस और मलेशिया जैसे देशों में कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। इसी तरह डीजल के दामों में भी फिलीपींस, लाओस और म्यांमार में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक स्तर पर ईंधन महंगा हो रहा है, जबकि भारत में उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है।
देश के कुछ शहरों में अपेक्षाकृत कम दाम
भारत में अलग-अलग राज्यों और शहरों में टैक्स संरचना के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। पेट्रोल के सबसे कम दाम अंडमान-निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में दर्ज किए गए हैं, जहां यह 82.46 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा ईटानगर, सिलवासा और दमन जैसे शहरों में भी कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं। उत्तराखंड के कुछ शहरों जैसे हरिद्वार और देहरादून में भी पेट्रोल अन्य महानगरों के मुकाबले सस्ता है।
डीजल के दामों में भी क्षेत्रीय अंतर
डीजल के मामले में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिलता है। पोर्ट ब्लेयर में डीजल की कीमत 78.05 रुपये प्रति लीटर है, जो देश में सबसे कम मानी जा रही है। अरुणाचल प्रदेश के इटानगर और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों में भी डीजल अपेक्षाकृत सस्ता उपलब्ध है। चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी डीजल की कीमत अन्य बड़े शहरों की तुलना में कम बनी हुई है।
चुनाव के बाद कीमतों को लेकर अटकलें
ईंधन की कीमतों को लेकर एक सवाल लगातार उठता रहा है कि क्या चुनाव के बाद इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार विश्लेषकों की रिपोर्ट्स में संभावनाओं की ओर संकेत किया गया है। कुछ आकलनों के अनुसार, तेल कंपनियां वर्तमान में पेट्रोल और डीजल पर नुकसान झेल रही हैं।
विश्लेषकों की रिपोर्ट में संभावित दबाव का संकेत
एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब 18 रुपये और डीजल पर लगभग 35 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाती हैं, तो घरेलू स्तर पर कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, सरकार और कंपनियां कीमतों को स्थिर बनाए रखने पर ध्यान दे रही हैं।



