FuelPrice – पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, कंपनियों पर बढ़ा घाटे का दबाव
FuelPrice – सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार सुबह पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से जारी ताजा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद फिलहाल आम उपभोक्ताओं को राहत बरकरार है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने से तेल विपणन कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को स्थिर बनाए रखा गया है।
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके अनुसार, अंडर रिकवरी का स्तर काफी बढ़ चुका है और कंपनियों को हर दिन लगभग एक हजार करोड़ रुपये तक का बोझ झेलना पड़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें पहले के मुकाबले काफी ऊपर पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है।
सप्लाई व्यवस्था सामान्य रहने का दावा
सरकार का कहना है कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात के बीच भी देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार, किसी भी राज्य में ईंधन की कमी की स्थिति नहीं है।
एलपीजी उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि की गई है। सरकार का दावा है कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादन और आपूर्ति दोनों स्तरों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
महानगरों में क्या हैं ताजा रेट
दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम 3 हजार रुपये से ऊपर बने हुए हैं।
लखनऊ, पटना, जयपुर, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग स्तर पर स्थिर बने हुए हैं। कुछ शहरों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण कीमतें अधिक हैं।
पटना में पेट्रोल 105 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है, जबकि कोलकाता और जयपुर में भी ईंधन की कीमतें 100 रुपये के पार बनी हुई हैं। दूसरी ओर दिल्ली और कुछ अन्य शहरों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं।
एलपीजी की कीमतों पर भी नजर
घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि अलग-अलग शहरों में इनके रेट स्थानीय करों और परिवहन खर्च के आधार पर अलग बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की दिशा और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति आने वाले समय में ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
बाजार और उपभोक्ताओं की नजर सरकार पर
ईंधन की कीमतें स्थिर रहने से फिलहाल आम लोगों को राहत मिली हुई है, लेकिन बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण आगे की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है। उद्योग जगत का मानना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखना तेल कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को सलाह दे रहे हैं कि वे आधिकारिक स्रोतों से जारी ताजा कीमतों की जानकारी लेते रहें और अफवाहों से बचें।