Gold Price – वैश्विक घटनाक्रम के बीच सोना-चांदी में आया तेज उछाल…
Gold Price – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और डॉलर में कमजोरी के बीच सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से जुड़े सकारात्मक संकेतों के बाद निवेशकों का रुझान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है। इसका असर घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में साफ दिखाई दिया, जहां सोना और चांदी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

एमसीएक्स पर दोनों धातुओं में जोरदार तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने और चांदी के वायदा भाव में बड़ी छलांग देखने को मिली। अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 3,300 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में भी तेज खरीदारी देखी गई और इसके भाव 6,000 रुपये से अधिक बढ़कर 2.52 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गए। कारोबार के शुरुआती घंटों में निवेशकों की सक्रियता के कारण दोनों धातुओं में मजबूती बनी रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का भी मिला समर्थन
वैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी मजबूत स्थिति में रहे। स्पॉट गोल्ड और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स दोनों में लगभग ढाई प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। चांदी ने भी बेहतर प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके भाव तीन प्रतिशत से अधिक बढ़े। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग और मुद्रा बाजार की चाल ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है।
तनाव कम होने से बाजार को मिली राहत
बाजार सहभागियों के बीच यह धारणा बनी है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद को सुलझाने की दिशा में प्रगति हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक ढांचा तैयार होने की चर्चा है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के सामान्य संचालन की संभावना और प्रतिबंधों में संभावित राहत ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
डॉलर और कच्चे तेल की कमजोरी का असर
सोना और चांदी की तेजी के पीछे डॉलर की कमजोरी को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिकी मुद्रा हाल के दिनों में निचले स्तरों पर पहुंची है, जिससे अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो गया। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने महंगाई को लेकर चिंताओं को कम किया है। ऊर्जा बाजार में नरमी आने से ब्याज दरों को लेकर भी निवेशकों की उम्मीदों में बदलाव देखा गया है।
ब्याज दरों को लेकर बदली बाजार की धारणा
वित्तीय बाजारों में यह आकलन भी सामने आया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति अपनाने की संभावना पहले की तुलना में कम हुई है। इसी कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका घटती है, तब आमतौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश साधनों को लाभ मिलता है।
आगे की चाल पर विशेषज्ञों की नजर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगी। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोना मौजूदा ऊंचे स्तरों पर टिके रहने में सफल रहता है तो इसमें आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं चांदी में भी तकनीकी स्तरों के ऊपर बने रहने पर खरीदारी का रुझान जारी रह सकता है।