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GoldPrice – घरेलू बाजार में सोना-चांदी के दामों में तेज उछाल दर्ज

GoldPrice – भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹2,000 से अधिक की बढ़त के साथ ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी के दाम भी पीछे नहीं रहे और करीब ₹4,700 की उछाल के साथ ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करते दिखे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई, जिससे घरेलू बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।

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वैश्विक बाजार का असर दिखा घरेलू कीमतों पर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में बढ़त का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड करीब 0.8% की तेजी के साथ 4,755 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। इससे पहले के कारोबारी सत्र में इसमें गिरावट देखी गई थी, लेकिन ताजा हालात ने बाजार की दिशा बदल दी। वैश्विक संकेतों की मजबूती के चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ता दिखा।

निवेशकों के लिए अहम स्तर तय

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा समय में MCX गोल्ड के लिए ₹1,52,800 से ₹1,51,500 के बीच सपोर्ट स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं ऊपर की ओर ₹1,54,850 से ₹1,55,500 का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। निवेशकों को इन स्तरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

भू-राजनीतिक तनाव बना प्रमुख कारण

कीमती धातुओं की कीमतों में इस तेजी के पीछे वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में अस्थायी नरमी जरूर आई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। संघर्ष विराम बढ़ाने की घोषणा के बावजूद होर्मूज जलडमरूमध्य अब भी बंद है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए इसकी बंदी ने बाजार में अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया है। जब तेल महंगा होता है, तो इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है और निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी कारण सोने और चांदी में निवेश बढ़ता है, जिससे इनके दाम ऊपर जाते हैं।

डॉलर की कमजोरी से मिला सहारा

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की गिरावट भी सोने की कीमतों को समर्थन देने वाला कारक बनी। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोना सस्ता हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।

ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संभावित नए प्रमुख के बयान ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि ब्याज दरों में जल्दबाजी में कटौती नहीं की जाएगी और महंगाई नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे संकेतों से बाजार में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने पर दबाव डालती हैं।

आगे की दिशा को लेकर सतर्क नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बुलियन बाजार वैश्विक जोखिमों को काफी हद तक समाहित कर चुका है। पिछले कुछ समय से कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई थीं, लेकिन अब निवेशक बड़े बदलाव के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। यह बदलाव या तो भू-राजनीतिक स्थिति के बिगड़ने से आ सकता है या फिर वैश्विक आर्थिक नीतियों में किसी बड़े निर्णय से।

निवेश से पहले सावधानी जरूरी

कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव तेजी से होता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों की राय उपयोगी हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना जरूरी है।

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