GoldPrice – मुनाफावसूली से सोना-चांदी नरम, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
GoldPrice- घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार, 23 जुलाई की सुबह सोना और चांदी के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान निवेशकों की मुनाफावसूली का असर दोनों कीमती धातुओं पर दिखाई दिया। अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 0.32 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,45,207 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जबकि सितंबर वायदा चांदी लगभग 0.23 प्रतिशत फिसलकर 2,26,474 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में दोनों धातुओं में मजबूत तेजी देखने को मिली थी।

पिछले सत्र की तेजी के बाद आई नरमी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को सोने और चांदी में तेज उछाल के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे कीमतों पर दबाव बना। पिछले सत्र में MCX गोल्ड अगस्त कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 2 प्रतिशत और सिल्वर सितंबर फ्यूचर्स में करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि इससे पहले यह दो सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच चुका था।
किन वजहों से दबाव में आए दाम
विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने सोने और चांदी पर दबाव बनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड छह सप्ताह के उच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। इसके पीछे मध्य पूर्व में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। वहीं डॉलर इंडेक्स 101 के आसपास बना रहने से भी कीमती धातुओं की मांग पर असर पड़ा है, क्योंकि मजबूत डॉलर के दौरान सोना अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है।
वैश्विक घटनाक्रम पर बाजार की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। दोनों देशों से जुड़े हालिया घटनाक्रमों ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है। इसके साथ ही निवेशक अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर भी नजर बनाए हुए हैं। बाजार को फिलहाल ब्याज दरों में तत्काल बदलाव की संभावना कम दिख रही है, लेकिन आगे की नीति को लेकर निवेशकों की रणनीति इसी बैठक के संकेतों पर निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों ने बताए अहम स्तर
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य शोध अधिकारी रवि सिंह के अनुसार, हाल के कारोबारी सत्रों में सोने ने तकनीकी रूप से मजबूती के संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि 55-दिवसीय EMA के ऊपर टिके रहने से निकट अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक यदि कीमतें प्रमुख सपोर्ट स्तरों से ऊपर बनी रहती हैं तो आने वाले सत्रों में सोना 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का प्रयास कर सकता है। उन्होंने गिरावट के दौरान खरीदारी की रणनीति को उपयुक्त बताया है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
Prithvifinmart Commodity Research के मनोज कुमार जैन ने कहा कि MCX गोल्ड के लिए 1,44,400 और 1,43,350 रुपये के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माने जा सकते हैं, जबकि 1,46,800 और 1,48,000 रुपये पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। वहीं चांदी के लिए 2,24,400 और 2,22,000 रुपये सपोर्ट तथा 2,29,100 और 2,31,000 रुपये रेजिस्टेंस स्तर बताए गए हैं। दूसरी ओर, IndusInd Securities के जिगर त्रिवेदी का अनुमान है कि शुरुआती कमजोरी के बाद सोना कारोबार के दौरान फिर से संभल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को बाजार की चाल, वैश्विक घटनाक्रम और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही निवेश संबंधी निर्णय लेने चाहिए।