GoldPrice – वैश्विक दबाव के बीच सोना और चांदी दोनों हुए सस्ते
GoldPrice- अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढती अनिश्चितताओं का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया है। सप्ताह के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों को लेकर बढ़ी सतर्कता के बीच निवेशकों का रुख बदला है, जिससे कीमती धातुओं के भाव दबाव में रहे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,43,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जबकि चांदी का भाव घटकर 2.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया।

बुलियन बाजार में ताजा कीमतें
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 जुलाई को 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,815 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसी तरह 23 कैरेट सोना 1,43,239 रुपये, 22 कैरेट सोना 1,31,735 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,07,861 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। 14 कैरेट सोने की कीमत घटकर 84,132 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं, चांदी का औसत बाजार भाव 2,22,014 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
सप्ताहभर में कितनी आई गिरावट
बीते कुछ कारोबारी दिनों में सोने और चांदी दोनों में नरमी देखने को मिली है। 6 जुलाई को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,512 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब घटकर 1,43,815 रुपये रह गई है। इस तरह सप्ताह के दौरान सोना 1,697 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव लगभग 9,798 रुपये प्रति किलोग्राम कम हो गया। सप्ताह की शुरुआत में चांदी 2,31,812 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी। इन कीमतों में GST और Making Charges शामिल नहीं हैं।
वैश्विक घटनाक्रम का बाजार पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसके साथ ही अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर फिर से चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हैं, जिसका असर कमोडिटी बाजार पर भी देखने को मिलता है। इसी वजह से स्पॉट गोल्ड इस सप्ताह करीब 1.5 प्रतिशत और चांदी लगभग 4 प्रतिशत तक कमजोर हुई है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी नजर
बाजार की अगली दिशा काफी हद तक अमेरिका से आने वाले Inflation Data पर निर्भर मानी जा रही है। निवेशक अगले सप्ताह जारी होने वाले महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। जून में हुई Federal Reserve की बैठक के दौरान भी महंगाई को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। बैठक में कुछ नीति निर्माताओं ने ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना का समर्थन किया था, जबकि कुछ सदस्यों ने मौजूदा स्तर बनाए रखने की राय दी थी। ऐसे में आने वाले आर्थिक संकेतक सोने और चांदी की कीमतों की आगे की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।